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GOBARdhan Scheme 2026: 1 अक्टूबर को ₹23,731 करोड़ की CBG योजना लॉन्च, किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को लाभ

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GOBARdhan Scheme 2026: 1 अक्टूबर को ₹23,731 करोड़ की CBG योजना लॉन्च, किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को लाभ
शहरी विकास

GOBARdhan Scheme 2026

भारत सरकार ने Compressed Biogas (CBG) सेक्टर के विकास के लिए 1 अक्टूबर 2026 को एकीकृत GOBARdhan Central Sector Scheme लॉन्च की। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इस योजना का शुभारंभ किया।

इस योजना का कुल परिव्यय ₹23,731 करोड़ है। इसका उद्देश्य घरेलू CBG उत्पादन बढ़ाना, बाजार उपलब्धता मजबूत करना, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।

लॉन्च तारीख: 1 अक्टूबर 2026

कुल परिव्यय: ₹23,731 करोड़

योजना अवधि: वित्त वर्ष 2026–27 से 2035–36

GOBARdhan Scheme – मुख्य विशेषताएं

कुल योजना परिव्यय

₹23,731 करोड़

लॉन्च तारीख

1 अक्टूबर 2026

पूंजी सहायता

₹2 करोड़/TPD तक

CBG उत्पादन लक्ष्य

लगभग 5 MMSCMD

पूंजी सहायता पात्रता और लागू दिशा-निर्देशों के अधीन है। यह प्रत्येक आवेदक को मिलने वाली बिना शर्त आर्थिक सहायता नहीं है।

1. GOBARdhan Scheme क्या है?

GOBARdhan का पूरा नाम Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan है। इसका उद्देश्य गोबर, कृषि अवशेष, जैविक कचरे और अन्य बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग करके बायोगैस, Compressed Biogas (CBG) और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाना है।

GOBARdhan की मूल पहल वर्ष 2018 में Swachh Bharat Mission (Grameen) के अंतर्गत शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्वच्छता और जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना था।

वर्ष 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने National Circular Bioenergy Scheme के अंतर्गत एक नया एकीकृत राष्ट्रीय ढांचा मंजूर किया, जिसमें GOBARdhan प्रमुख योजना है। इस एकीकृत Central Sector Scheme को 1 अक्टूबर 2026 को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत लॉन्च किया गया।

इस नए ढांचे में CBG सेक्टर के लिए सुनिश्चित मांग, स्थिर मूल्य व्यवस्था, पूंजी सहायता, पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर, क्रेडिट सहायता और इकोसिस्टम विकास को एक साथ जोड़ा गया है।

2. GOBARdhan Scheme लॉन्च और महत्वपूर्ण तारीखें

घटनातारीख / जानकारी
मूल GOBARdhan पहल2018
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी6 अगस्त 2026
Central Sector Scheme प्रभावी1 सितंबर 2026
औपचारिक लॉन्च1 अक्टूबर 2026
योजना की अवधिवित्त वर्ष 2026–27 से 2035–36

मंजूरी, प्रभावी होने और औपचारिक लॉन्च की तारीख अलग-अलग हैं। योजना को अगस्त में मंजूरी मिली, यह 1 सितंबर से प्रभावी हुई और 1 अक्टूबर 2026 को औपचारिक रूप से लॉन्च की गई।

3. GOBARdhan Scheme के प्रमुख उद्देश्य

  • घरेलू Compressed Biogas उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाना।
  • देश में CBG उत्पादन और वितरण का मजबूत नेटवर्क विकसित करना।
  • बायोएनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश को बढ़ावा देना।
  • गोबर, कृषि अवशेष और नगरों के जैविक कचरे का उपयोग बढ़ाना।
  • किसानों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर बनाना।
  • जैविक खाद का उत्पादन और उपयोग बढ़ाना।
  • आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना।
  • कचरा प्रबंधन और ग्रामीण सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना।

4. GOBARdhan Scheme के छह प्रमुख घटक

1. CBG की सुनिश्चित खरीद

योजना में CBG उत्पादकों के लिए सुनिश्चित खरीद व्यवस्था बनाई गई है, जिससे उन्हें अधिक स्थिर बाजार मिल सके। City Gas Distribution संस्थाएं निर्धारित CBG Obligation लक्ष्य पूरा करने में भूमिका निभाएंगी।

CBG Obligation लक्ष्य:

  • वित्त वर्ष 2026–27 में 3%
  • वित्त वर्ष 2027–28 में 4%
  • वित्त वर्ष 2028–29 से 5%

ये लक्ष्य CNG (Transport) और PNG (Domestic) सेक्टर से संबंधित हैं।

2. स्थिर CBG मूल्य व्यवस्था

योजना में सरकारी सहायता वाली मूल्य व्यवस्था के तहत ₹2,110 प्रति MMBTU का प्रशासित CBG मूल्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य उत्पादकों को लंबी अवधि तक राजस्व की बेहतर स्पष्टता देना है। इस व्यवस्था का न्यूनतम समय-क्षितिज दस वर्ष है।

3. पूंजी सहायता

पात्र Greenfield CBG परियोजनाओं को स्थापित उत्पादन क्षमता के प्रति टन प्रतिदिन (TPD) अधिकतम ₹2 करोड़ तक पूंजी सहायता मिल सकती है। क्षमता बढ़ाने वाली पात्र Brownfield परियोजनाएं भी इस ढांचे में शामिल हैं।

लागू शर्तों के अनुसार फीडस्टॉक एकत्रीकरण, जैविक खाद प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से जुड़े जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी सहायता मिल सकती है।

4. पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर

इस घटक के तहत CBG प्लांट को मुख्य पाइपलाइन और City Gas Distribution नेटवर्क से जोड़ने के लिए क्लस्टर आधारित और अलग-अलग पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को सहायता दी जाएगी।

5. क्रेडिट गारंटी सहायता

पात्र MSME आधारित CBG परियोजनाओं को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने में मदद के लिए क्रेडिट गारंटी व्यवस्था बनाई गई है। इससे ऋणदाताओं के जोखिम का एक हिस्सा साझा करने में मदद मिलेगी।

इससे MSMEs, महिला उद्यमियों और पहली बार परियोजना शुरू करने वाले डेवलपर्स की भागीदारी बढ़ाने का उद्देश्य है।

6. CBG Ecosystem Challenge Fund

यह फंड जिला स्तर पर CBG विकास योजना, फीडस्टॉक का आकलन, संग्रहण इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक अपनाने, प्रक्रिया सुधार, जैविक खाद का मूल्य संवर्धन, क्षमता निर्माण और जागरूकता गतिविधियों को सहायता देगा।

5. GOBARdhan Scheme से किन लोगों को लाभ मिल सकता है?

यह योजना CBG सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन में काम करने वाले अलग-अलग प्रतिभागियों के लिए बनाई गई है। इसका लाभ केवल व्यक्तिगत किसानों तक सीमित नहीं है।

  • किसान: गोबर और कृषि अवशेष CBG परियोजनाओं को उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
  • ग्रामीण उद्यमी: बायोएनर्जी परियोजनाओं, फीडस्टॉक संग्रहण और संबंधित सेवाओं में भाग ले सकते हैं।
  • MSMEs: पात्र परियोजनाओं के लिए सहायता और क्रेडिट गारंटी व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं।
  • सहकारी संस्थाएं: फीडस्टॉक संग्रहण, प्रसंस्करण और ग्रामीण बायोएनर्जी वैल्यू चेन में भागीदारी कर सकती हैं।
  • निजी CBG डेवलपर्स: पूंजी सहायता, बाजार संपर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
  • महिला उद्यमी: पात्र CBG परियोजनाओं और उनसे जुड़े व्यवसायों में भाग ले सकती हैं।
  • City Gas Distribution संस्थाएं: CBG खरीद और नेटवर्क से जोड़ने की व्यवस्था को मजबूत कर सकती हैं।

वास्तविक लाभ आवेदक की भूमिका, परियोजना की पात्रता, लागू दिशा-निर्देशों और सक्षम प्राधिकरण की मंजूरी पर निर्भर करेंगे।

6. CBG बनाने के लिए किन कचरा सामग्रियों का उपयोग होता है?

Compressed Biogas का उत्पादन जैविक सामग्री को Anaerobic Digestion प्रक्रिया से गुजारकर, फिर गैस का शुद्धिकरण और संपीड़न करके किया जाता है।

  • गोबर और पशुओं का जैविक कचरा।
  • कृषि अवशेष, जैसे धान का पुआल।
  • चीनी उद्योग से निकलने वाला Press Mud।
  • नगरों का जैविक कचरा।
  • खाद्य और रसोई का कचरा।
  • अन्य उपयुक्त बायोडिग्रेडेबल बायोमास।

इस प्रक्रिया से Fermented Organic Manure (FOM) और Liquid Fermented Organic Manure (LFOM) जैसी जैविक खाद भी प्राप्त हो सकती है, जो कृषि में पोषक तत्व प्रबंधन में उपयोगी है।

7. CBG प्लांट के लिए कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?

योजना की प्रमुख विशेषताओं में पात्र CBG परियोजनाओं के लिए पूंजी सहायता शामिल है।

पात्र परियोजनाओं के लिए घोषित अधिकतम पूंजी सहायता

₹2 करोड़ प्रति TPD

TPD का अर्थ है स्थापित CBG उत्पादन क्षमता टन प्रतिदिन। वास्तविक सहायता परियोजना की पात्रता, लागू दिशा-निर्देशों और मंजूरी पर निर्भर करती है।

पूंजी सहायता के अतिरिक्त योजना में पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर और पात्र परियोजनाओं के लिए क्रेडिट गारंटी सहायता भी शामिल है। इसका उद्देश्य CBG परियोजनाओं को व्यावसायिक रूप से अधिक व्यवहार्य बनाना और निवेश को बढ़ावा देना है।

आवेदकों को यह नहीं मानना चाहिए कि अधिकतम सहायता अपने आप स्वीकृत हो जाएगी। परियोजना की शर्तें और आवेदन प्रक्रिया आधिकारिक दिशा-निर्देशों से जांचना जरूरी है।

8. GOBARdhan Scheme में रजिस्ट्रेशन और अवसर कैसे देखें?

सरकार GOBARdhan रजिस्ट्रेशन और CBG योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग डिजिटल पोर्टल संचालित करती है। 1 अक्टूबर 2026 के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान Unified GOBARdhan Portal भी लॉन्च किया गया।

  1. आधिकारिक GOBARdhan पोर्टल खोलें।
  2. CBG इकोसिस्टम में अपनी भूमिका के अनुसार सही सेक्शन चुनें।
  3. उपलब्ध रजिस्ट्रेशन, पात्रता और योजना संबंधी जानकारी पढ़ें।
  4. पूंजी सहायता, व्यावसायिक प्रक्रिया या इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता की शर्तें जांचें।
  5. लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजना और संस्था की जानकारी तैयार करें।
  6. आवेदन जमा करने और उसकी स्थिति देखने के लिए आधिकारिक पोर्टल के निर्देशों का पालन करें।

पोर्टल पर CBG Entities और City Gas Distribution Entities के लिए अलग-अलग कार्यप्रणाली उपलब्ध है। केवल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने से वित्तीय सहायता या परियोजना की मंजूरी अपने आप नहीं मिलती।

9. GOBARdhan Scheme के आधिकारिक लिंक

सरकारी पोर्टल और आधिकारिक जानकारी

Unified GOBARdhan Portal:

आधिकारिक GOBARdhan CBG Portal खोलें

GOBARdhan Registration Portal:

आधिकारिक प्लांट रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोलें

केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी – 6 अगस्त 2026:

PIB की आधिकारिक जानकारी पढ़ें

लॉन्च घोषणा – 1 अक्टूबर 2026:

PIB की आधिकारिक लॉन्च घोषणा पढ़ें

10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. GOBARdhan Scheme कब लॉन्च हुई?

एकीकृत GOBARdhan Central Sector Scheme को 1 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने औपचारिक रूप से लॉन्च किया।

Q2. GOBARdhan Scheme का कुल बजट कितना है?

इस योजना का कुल स्वीकृत परिव्यय ₹23,731 करोड़ है।

Q3. योजना कितने वर्षों तक लागू रहेगी?

यह योजना वित्त वर्ष 2026–27 से 2035–36 तक दस वर्ष के ढांचे के तहत लागू होगी।

Q4. CBG प्लांट के लिए कितनी पूंजी सहायता मिल सकती है?

पात्र Greenfield CBG परियोजनाओं को स्थापित क्षमता के प्रति TPD अधिकतम ₹2 करोड़ तक सहायता मिल सकती है। इसके लिए लागू शर्तों और मंजूरी प्रक्रिया का पालन जरूरी है।

Q5. क्या किसानों को GOBARdhan Scheme से लाभ मिल सकता है?

हां। किसान गोबर और कृषि अवशेष CBG परियोजनाओं को उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। योजना ग्रामीण वैल्यू चेन और जैविक खाद उत्पादन को भी बढ़ावा देती है।

Q6. क्या निजी कंपनियां और MSMEs इसमें भाग ले सकते हैं?

हां। योजना पात्र CBG परियोजनाओं और संबंधित गतिविधियों में निजी डेवलपर्स, MSMEs, सहकारी संस्थाओं और ग्रामीण उद्यमियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।

Q7. घरेलू CBG उत्पादन का लक्ष्य क्या है?

योजना का लक्ष्य घरेलू CBG उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाकर करीब 5 MMSCMD तक पहुंचाना है।

Q8. GOBARdhan का आधिकारिक पोर्टल कौन सा है?

आधिकारिक CBG योजना पोर्टल और संबंधित जानकारी के लिए https://gobardhan.gov.in/ पर जाएं।

Q9. क्या यह योजना केवल व्यक्तिगत किसानों के लिए है?

नहीं। यह किसानों, ग्रामीण उद्यमियों, निजी डेवलपर्स, MSMEs, सहकारी संस्थाओं और अन्य पात्र प्रतिभागियों के लिए एकीकृत CBG सेक्टर विकास ढांचा है।

Disclaimer – जरूरी सूचना

यह लेख अक्टूबर 2026 तक GOBARdhan Scheme के संबंध में उपलब्ध भारत सरकार की आधिकारिक घोषणाओं और पोर्टल की जानकारी पर आधारित है। वित्तीय सहायता, पात्रता, रजिस्ट्रेशन और परियोजना की मंजूरी लागू योजना दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी। आवेदकों और परियोजना डेवलपर्स को नवीनतम शर्तों की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से करनी चाहिए। My Project HD एक स्वतंत्र सूचना मंच है और भारत सरकार से संबद्ध नहीं है।

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