PSS MSP खरीद 2026
भारत सरकार ने Price Support Scheme (PSS) के तहत खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए ₹5,547.99 करोड़ की MSP खरीद को मंजूरी दी है।
इस मंजूरी के तहत उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के किसानों से तूर, मूंग, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसी प्रमुख दलहन एवं तिलहन फसलों की MSP पर खरीद की जाएगी। यह मंजूरी 30 सितंबर 2026 को घोषित की गई।
सरकारी जानकारी के अनुसार स्वीकृत योजना के अंतर्गत लगभग 7.06 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की MSP पर खरीद की जाएगी।
PSS MSP खरीद 2026 – मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना | Price Support Scheme (PSS) |
| विपणन सत्र | खरीफ 2026-27 |
| कुल स्वीकृत खरीद मूल्य | ₹5,547.99 करोड़ |
| अनुमानित खरीद मात्रा | 7.06 लाख मीट्रिक टन |
| राज्य | उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना |
| खरीद मूल्य | Minimum Support Price (MSP) |
| घोषणा की तारीख | 30 सितंबर 2026 |
| Framework | PM-AASHA के अंतर्गत Price Support Scheme |
राज्यवार PSS खरीद को मंजूरी
| राज्य | फसल | स्वीकृत मात्रा | खरीद मूल्य |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | तूर | 4,66,000 MT | ₹3,937.70 करोड़ |
| मूंग | 6,250 MT | ₹54.87 करोड़ | |
| कर्नाटक | सोयाबीन | 1,15,500 MT | ₹659.27 करोड़ |
| मूंग | 38,250 MT | ₹335.83 करोड़ | |
| सूरजमुखी | 13,413 MT | ₹111.90 करोड़ | |
| तेलंगाना | सोयाबीन | 62,000 MT | ₹353.90 करोड़ |
| मूंग | 10,766 MT | ₹94.52 करोड़ |
उत्तर प्रदेश के लिए ₹3,992.57 करोड़ की मंजूरी
नवीनतम PSS खरीद मंजूरी में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। राज्य के लिए ₹3,992.57 करोड़ की खरीद को मंजूरी दी गई है।
- तूर: 4,66,000 मीट्रिक टन, जिसकी कीमत ₹3,937.70 करोड़ है।
- मूंग: 6,250 मीट्रिक टन, जिसकी कीमत ₹54.87 करोड़ है।
उत्तर प्रदेश में दोनों फसलों की कुल स्वीकृत खरीद मात्रा 4,72,250 मीट्रिक टन है।
कर्नाटक के लिए ₹1,107 करोड़ की मंजूरी
कर्नाटक में PSS के तहत ₹1,107 करोड़ की खरीद को मंजूरी दी गई है।
- सोयाबीन: 1,15,500 मीट्रिक टन, मूल्य ₹659.27 करोड़।
- मूंग: 38,250 मीट्रिक टन, मूल्य ₹335.83 करोड़।
- सूरजमुखी: 13,413 मीट्रिक टन, मूल्य ₹111.90 करोड़।
इन तीनों फसलों की कुल स्वीकृत खरीद मात्रा 1,67,163 मीट्रिक टन है।
तेलंगाना के लिए ₹448.42 करोड़ की मंजूरी
तेलंगाना के लिए Price Support Scheme के तहत ₹448.42 करोड़ की खरीद को मंजूरी दी गई है।
- सोयाबीन: 62,000 मीट्रिक टन, मूल्य ₹353.90 करोड़।
- मूंग: 10,766 मीट्रिक टन, मूल्य ₹94.52 करोड़।
तेलंगाना में दोनों फसलों की कुल स्वीकृत खरीद मात्रा 72,766 मीट्रिक टन है।
Price Support Scheme (PSS) क्या है?
Price Support Scheme (PSS) भारत सरकार के Pradhan Mantri Annadata Aay Sanrakshan Abhiyan (PM-AASHA) का एक component है। इसके तहत अधिसूचित दलहन, तिलहन और कोपरा की MSP पर खरीद की जाती है, जब संबंधित harvesting period में बाजार भाव notified MSP से नीचे आ जाता है और लागू योजना शर्तें पूरी होती हैं।
इसका उद्देश्य किसानों को price support देना और बाजार भाव MSP से नीचे रहने पर distress sale के जोखिम को कम करना है।
PSS MSP खरीद से किसानों को क्या लाभ?
- अधिसूचित फसलों के लिए MSP आधारित खरीद व्यवस्था।
- बाजार भाव MSP से नीचे होने पर किसानों को मूल्य सुरक्षा में सहायता।
- दलहन और तिलहन किसानों को harvesting period में support।
- कम बाजार भाव की स्थिति में distress sale के जोखिम को कम करने में मदद।
- देश में दलहन और तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन।
- खाद्य तेल और दलहन में घरेलू आत्मनिर्भरता के प्रयासों को support।
- सरकार के अनुसार स्वीकृत खरीद का भुगतान किसानों के bank accounts में सीधे किया जाएगा।
PSS के तहत खरीद कब होती है?
PSS के तहत notified pulses, oilseeds और copra की खरीद तब की जाती है जब peak harvesting period के दौरान बाजार कीमत notified MSP से नीचे चली जाती है। इसके लिए संबंधित scheme conditions और procurement approval लागू होते हैं।
राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश की administration procurement support का प्रस्ताव देती है और designated Central Nodal Agencies approved plan तथा applicable guidelines के अनुसार खरीद करती हैं।
क्या PSS के लिए Direct Online Apply करना होता है?
PSS हर किसान के लिए एक सामान्य direct-benefit online application scheme नहीं है। खरीद approved states, notified crops और निर्धारित procurement period के अनुसार designated procurement mechanism के माध्यम से होती है।
किसानों को संबंधित फसल और season के लिए अपने State Government तथा designated procurement agencies द्वारा जारी registration और procurement instructions का पालन करना चाहिए।
PSS और PM-AASHA
Price Support Scheme, PM-AASHA (Pradhan Mantri Annadata Aay Sanrakshan Abhiyan) के अंतर्गत संचालित होती है। इसका व्यापक उद्देश्य किसानों को remunerative prices उपलब्ध कराने और market-price volatility के प्रभाव को कम करने के लिए price-support interventions को मजबूत करना है।
सरकार ने प्रमुख दलहनों की procurement support को भी बढ़ाया है। वर्तमान framework में घरेलू दलहन उत्पादन और import dependence कम करने के उद्देश्य से निर्धारित व्यवस्था के तहत तूर, उड़द और मसूर की खरीद राज्य उत्पादन के 100% तक की जा सकती है।
Official Government Sources
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PSS की नवीनतम खरीद मंजूरी क्या है?
खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में दलहन एवं तिलहन की MSP पर खरीद हेतु ₹5,547.99 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
कितनी उपज की खरीद होगी?
स्वीकृत procurement plan में लगभग 7.06 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में कौन-सी फसलें खरीदी जाएंगी?
उत्तर प्रदेश के लिए 4,66,000 MT तूर और 6,250 MT मूंग की खरीद स्वीकृत की गई है।
कर्नाटक में कौन-सी फसलें खरीदी जाएंगी?
कर्नाटक में सोयाबीन, मूंग और सूरजमुखी की खरीद स्वीकृत की गई है।
तेलंगाना में कौन-सी फसलें खरीदी जाएंगी?
तेलंगाना में सोयाबीन और मूंग की खरीद स्वीकृत की गई है।
किसानों को भुगतान कैसे मिलेगा?
सरकार के अनुसार खरीदी गई उपज का भुगतान समय पर सीधे किसानों के bank accounts में किया जाएगा, subject to applicable procurement process.
क्या PSS हर राज्य और हर फसल पर लागू है?
नहीं। PSS की खरीद notified commodities तथा approved procurement proposals और applicable guidelines के अंतर्गत आने वाले राज्यों और periods में की जाती है।