नासिक मंडी भाव
नासिक में प्याज के थोक भाव घटकर ₹46 प्रति किलो हुए, एक महीने पहले ₹55 था
लासलगांव APMC में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज के दाम में करीब ₹9 प्रति किलो की कमी आई है।
प्याज के भाव में बड़ी गिरावट
एक महीने पहले
₹55/kg
वर्तमान थोक भाव
₹46/kg
खुदरा भाव
₹65/kg
महाराष्ट्र के नासिक जिले की लासलगांव कृषि उपज बाजार समिति (APMC) में प्याज के थोक भाव में नरमी देखने को मिली है। अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का भाव करीब एक महीने पहले ₹55 प्रति किलो था, जो अब घटकर लगभग ₹46 प्रति किलो रह गया है।
प्याज की कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से नई खरीफ प्याज की आवक बढ़ रही है। नई फसल की उपलब्धता बढ़ने से बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ी है और कीमतों पर दबाव बना है।
लासलगांव मंडी में ₹9 प्रति किलो की गिरावट
लासलगांव देश की प्रमुख प्याज मंडियों में शामिल है। उपलब्ध बाजार जानकारी के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का थोक भाव लगभग ₹55 प्रति किलो था। अब यही भाव करीब ₹46 प्रति किलो हो गया है।
इस हिसाब से प्याज की कीमत में करीब ₹9 प्रति किलो की कमी आई है। यानी एक महीने के दौरान थोक भाव में लगभग 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से बढ़ी नई फसल की आवक
कीमतों में नरमी की प्रमुख वजह कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से नई खरीफ प्याज की बढ़ती आवक है। दोनों राज्यों में नई फसल की उपलब्धता बढ़ने के साथ बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है।
नई फसल आने से व्यापारियों और निर्यातकों के पास प्याज खरीदने के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। इसका असर नासिक के प्याज की मांग और थोक कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
मिस्र से आयात का भी असर
घरेलू बाजार में नई फसल की बढ़ती आवक के अलावा मिस्र से प्याज के आयात ने भी बाजार में उपलब्धता बढ़ाई है। अतिरिक्त आपूर्ति के कारण थोक बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
खुदरा बाजार में अभी भी ₹65 प्रति किलो भाव
थोक बाजार में प्याज के भाव में गिरावट के बावजूद उपभोक्ताओं को इसका पूरा लाभ अभी नहीं मिला है। अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का खुदरा भाव करीब ₹65 प्रति किलो बताया गया है।
थोक और खुदरा कीमतों के बीच अंतर का कारण परिवहन, भंडारण, स्थानीय मांग और व्यापारिक मार्जिन जैसे कारक हो सकते हैं।
लासलगांव में रोजाना करीब 6,000 क्विंटल आवक
व्यापारियों के अनुसार लासलगांव मंडी में रोजाना करीब 6,000 क्विंटल प्याज की आवक हो रही है। आवक में बढ़ोतरी का सीधा असर बाजार में उपलब्धता पर पड़ रहा है।
यदि किसानों को आने वाले दिनों में कीमतों में और गिरावट की आशंका होती है, तो कुछ किसान अपने पास रखा स्टॉक भी बाजार में ला सकते हैं। ऐसी स्थिति में थोक कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
किसानों पर क्या असर पड़ेगा?
प्याज के थोक भाव में गिरावट किसानों के लिए चिंता का विषय हो सकती है। खासकर उन किसानों के लिए जिन्होंने फसल को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में स्टोर करके रखा है।
यदि कीमतों में लगातार गिरावट रहती है तो किसानों को उत्पादन, भंडारण और परिवहन लागत की तुलना में कम बाजार मूल्य मिलने का जोखिम बढ़ सकता है।
क्या आगे प्याज के भाव और गिरेंगे?
आने वाले दिनों में प्याज की कीमत मुख्य रूप से नई खरीफ फसल की आवक, किसानों द्वारा बाजार में लाए जाने वाले स्टॉक, घरेलू मांग, होटल उद्योग की मांग, निर्यात और आयातित प्याज की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
लासलगांव मंडी में होटल उद्योग से प्याज की मांग मजबूत बनी हुई है। इस वजह से बाजार में बहुत बड़ी अतिरिक्त गिरावट की संभावना सीमित मानी जा रही है, हालांकि नई फसल की आवक कीमतों पर दबाव बनाए रख सकती है।
उपभोक्ताओं को कब मिल सकती है राहत?
यदि थोक बाजार में कीमतों में गिरावट आगे भी बनी रहती है और इसका असर सप्लाई चेन के अगले चरणों तक पहुंचता है, तो खुदरा बाजार में भी प्याज सस्ता हो सकता है। फिलहाल थोक और खुदरा भाव के बीच पर्याप्त अंतर बना हुआ है।
आगे किन बातों पर रहेगी नजर?
- कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से नई प्याज की आवक
- लासलगांव APMC में रोजाना आने वाली प्याज की मात्रा
- किसानों द्वारा स्टोर किया गया प्याज बाजार में लाने की स्थिति
- घरेलू और निर्यात मांग
- आयातित प्याज की उपलब्धता
- खुदरा बाजार में प्याज की कीमत
निष्कर्ष
नासिक के लासलगांव मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का थोक भाव एक महीने में ₹55 से घटकर करीब ₹46 प्रति किलो हो गया है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से नई खरीफ फसल की बढ़ी आवक और आयातित प्याज की उपलब्धता ने बाजार में सप्लाई बढ़ाई है। हालांकि खुदरा बाजार में प्याज अभी भी करीब ₹65 प्रति किलो बिक रहा है। आने वाले दिनों में नई फसल की आवक और मांग कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।