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BHAVYA Rasayan Scheme 2026: 3 Chemical Parks के लिए ₹3,030 करोड़

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BHAVYA Rasayan Scheme 2026: 3 Chemical Parks के लिए ₹3,030 करोड़
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BHAVYA Rasayan Scheme 2026: देश में बनेंगे 3 Chemical Parks, ₹3,030 करोड़ की योजना

BHAVYA Rasayan Scheme 2026: भारत में घरेलू रासायनिक विनिर्माण (Chemical Manufacturing) को मजबूत बनाने और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्र सरकार ने तीन समर्पित Chemical Parks स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का नाम भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (BHAVYA-Rasayan) रखा गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 जुलाई 2026 को इस योजना को मंजूरी दी। इसके लिए कुल ₹3,030 करोड़ का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है। योजना के तहत राज्यों को चुनौती-आधारित चयन प्रक्रिया (Challenge Route) के माध्यम से आधुनिक Chemical Parks विकसित करने में सहायता दी जाएगी।

इन पार्कों में रासायनिक उद्योगों के लिए साझा आधारभूत सुविधाएं, आधुनिक utilities, अपशिष्ट प्रबंधन, जल आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

BHAVYA-Rasayan Scheme क्या है?

BHAVYA-Rasayan भारत सरकार की एक औद्योगिक विकास योजना है, जिसका उद्देश्य देश में Chemical और Petrochemical Manufacturing Ecosystem को मजबूत करना है। इसके तहत देश में तीन dedicated Chemical Parks स्थापित किए जाएंगे।

ये पार्क Cluster-Based और Plug-and-Play Model पर विकसित किए जाएंगे। इसका मतलब है कि उद्योगों को आवश्यक साझा बुनियादी सुविधाएं एक ही औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कंपनियों को अलग-अलग infrastructure तैयार करने की आवश्यकता कम हो सके।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना, निर्यात को बढ़ावा देना और रासायनिक उद्योग में निवेश आकर्षित करना है।

BHAVYA Rasayan Scheme 2026 – मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
योजना का नामBHAVYA-Rasayan Scheme
पूरा नामBharat Audyogik Vikas Yojana Rasayan
मंजूरी की तारीख24 जुलाई 2026
मंजूरी देने वाली संस्थाकेंद्रीय मंत्रिमंडल
कुल वित्तीय परिव्यय₹3,030 करोड़
प्रस्तावित Chemical Parks3
योजना की अवधि2026-27 से 2030-31
केंद्रीय सहायताप्रति पार्क अधिकतम ₹1,000 करोड़
राज्य सरकार का योगदानप्रति पार्क न्यूनतम ₹500 करोड़
चयन प्रक्रियाChallenge-Based Selection
मुख्य क्षेत्रChemical और Petrochemical Industry

₹3,030 करोड़ का बजट कैसे खर्च होगा?

BHAVYA-Rasayan Scheme के तहत निर्धारित कुल वित्तीय परिव्यय ₹3,030 करोड़ है। इसका उपयोग मुख्य रूप से Chemical Parks के भीतर साझा बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाएगा।

बजट का उपयोग राशि
Common Infrastructure Facilities और Basic Utilities₹3,000 करोड़
प्रशासनिक व्यय₹30 करोड़
कुल₹3,030 करोड़

ध्यान दें: ₹3,030 करोड़ योजना का कुल वित्तीय परिव्यय है। इसे केवल एक वर्ष का बजट या प्रत्येक पार्क को मिलने वाली राशि नहीं समझना चाहिए।

तीन Chemical Parks कहां बनाए जाएंगे?

इस योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों को तीन समर्पित Chemical Parks विकसित करने में सहायता देगी। पार्कों का चयन Challenge Route के माध्यम से किया जाएगा। इसमें राज्य सरकारें निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगी।

प्रत्येक प्रस्तावित पार्क के लिए कम-से-कम 8 वर्ग किलोमीटर यानी लगभग 2,000 एकड़ का लगातार और कानूनी विवादों से मुक्त भूमि क्षेत्र आवश्यक है।

2 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध सरकारी योजना जानकारी के अनुसार, तीनों पार्कों के अंतिम स्थानों को चयन प्रक्रिया के बाद निर्धारित किया जाना है। इसलिए किसी विशेष राज्य या शहर को अंतिम स्थान बताना अभी उचित नहीं होगा।

केंद्र और राज्य सरकार कितना पैसा देंगी?

BHAVYA-Rasayan Scheme में केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त भागीदारी का प्रावधान है। केंद्र सरकार प्रत्येक Chemical Park के लिए अधिकतम ₹1,000 करोड़ का अनुदान दे सकती है। इसके लिए संबंधित राज्य सरकार को कम-से-कम ₹500 करोड़ का योगदान करना होगा।

  • केंद्र सरकार: प्रत्येक पार्क के लिए अधिकतम ₹1,000 करोड़ की सहायता।
  • राज्य सरकार: प्रत्येक पार्क के लिए न्यूनतम ₹500 करोड़ का योगदान।
  • चयन प्रक्रिया: Challenge-Based Selection के आधार पर।

यह सहायता पार्कों की साझा आधारभूत सुविधाओं और आवश्यक utilities के विकास के लिए है। इसे किसी व्यक्तिगत कंपनी या किसान को मिलने वाली सीधी नकद सब्सिडी नहीं समझना चाहिए।

Chemical Parks में कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?

इन Chemical Parks को आधुनिक Plug-and-Play Industrial Infrastructure के रूप में विकसित करने की योजना है। उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई साझा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

1. Common Effluent Treatment Plant (CETP)

औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार के लिए Common Effluent Treatment Plant विकसित किए जाएंगे। इससे पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन में सहायता मिलेगी।

2. Treatment, Storage and Disposal Facility (TSDF)

औद्योगिक और खतरनाक कचरे के उपचार, भंडारण और सुरक्षित निपटान के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

3. Water Supply and Distribution

उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार पानी की आपूर्ति और वितरण प्रणाली तैयार की जाएगी।

4. Solvent Recovery and Distillation

रासायनिक उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले solvents की recovery और distillation के लिए साझा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

5. Steam Generation and Distribution

औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए steam generation और distribution network तैयार किया जाएगा।

6. Pipeline Network

पार्क के भीतर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को जोड़ने के लिए interconnected pipeline network विकसित किया जाएगा।

7. Logistics and Warehousing

कच्चे माल, तैयार उत्पादों और औद्योगिक सामग्री के भंडारण तथा परिवहन को आसान बनाने के लिए logistics और warehousing सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

BHAVYA-Rasayan Scheme के मुख्य उद्देश्य

  • भारत की Chemical और Petrochemical Manufacturing Capacity बढ़ाना।
  • विदेशों से Chemical Products के आयात पर निर्भरता कम करना।
  • घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करना।
  • रासायनिक उद्योगों की उत्पादन लागत और logistics खर्च कम करने में सहायता करना।
  • भारतीय उद्योगों को Global Value Chains से जोड़ना।
  • Chemical Products के निर्यात को प्रोत्साहित करना।
  • साझा पर्यावरणीय और अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का विकास करना।
  • औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाना।

इस योजना से किन उद्योगों को लाभ हो सकता है?

BHAVYA-Rasayan Scheme का लाभ मुख्य रूप से Chemical और Petrochemical Sector में काम करने वाली औद्योगिक इकाइयों और उनसे जुड़े व्यवसायों को मिल सकता है। साझा सुविधाओं के कारण कई प्रकार के उद्योगों को एक ही औद्योगिक क्लस्टर में काम करने का अवसर मिलेगा।

इससे संबंधित downstream industries को भी लाभ मिलने की संभावना है, जिनमें निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं:

  • कृषि और कृषि रसायन (Agrochemicals)
  • फार्मास्यूटिकल्स और दवा निर्माण
  • कपड़ा और Textile Processing
  • ऑटोमोबाइल और Auto Components
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल उद्योग
  • पेंट, कोटिंग और विशेष रसायन
  • निर्माण सामग्री और औद्योगिक उत्पाद

राज्य सरकारें कैसे आवेदन कर सकती हैं?

इस योजना के तहत Chemical Parks विकसित करने के लिए राज्य सरकारों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्ताव प्रस्तुत करने होंगे। यह योजना सामान्य नागरिकों के लिए व्यक्तिगत आवेदन या direct subsidy registration नहीं है।

रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग की उपलब्ध योजना जानकारी के अनुसार, राज्यों को अपने प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करने हैं। विभाग ने प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की है।

आवेदन और प्रस्ताव से संबंधित नियमों के लिए आधिकारिक योजना दिशानिर्देश देखना आवश्यक है।

क्या आम नागरिक या किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। BHAVYA-Rasayan Scheme आम नागरिकों, किसानों या विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत आर्थिक सहायता योजना नहीं है। यह राज्य सरकारों के माध्यम से Chemical Parks के विकास और औद्योगिक infrastructure को मजबूत करने की योजना है।

इसका अप्रत्यक्ष लाभ उद्योगों में निवेश, उत्पादन क्षमता और रोजगार के अवसरों के विकास के माध्यम से अर्थव्यवस्था को मिल सकता है।

BHAVYA-Rasayan Scheme 2026 का महत्व

भारत के Chemical और Petrochemical Sector का उपयोग कृषि, दवा निर्माण, वस्त्र, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे कई क्षेत्रों में होता है। इस क्षेत्र में मजबूत घरेलू उत्पादन क्षमता विकसित करने से विभिन्न उद्योगों की supply chain को सहायता मिल सकती है।

तीन समर्पित Chemical Parks में साझा सुविधाओं का विकास उद्योगों के लिए infrastructure तैयार करने की लागत और समय कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरणीय सुविधाओं को एकीकृत करने से औद्योगिक विकास को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।

निष्कर्ष

BHAVYA-Rasayan Scheme 2026 भारत में Chemical और Petrochemical Manufacturing को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई महत्वपूर्ण औद्योगिक पहल है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन Chemical Parks स्थापित करने के लिए ₹3,030 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय को मंजूरी दी है।

योजना के तहत केंद्र सरकार प्रति पार्क अधिकतम ₹1,000 करोड़ की सहायता देगी और राज्य सरकारों को न्यूनतम ₹500 करोड़ का योगदान करना होगा। इसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात निर्भरता कम करना, निर्यात को बढ़ावा देना और आधुनिक औद्योगिक infrastructure विकसित करना है।

FAQs – BHAVYA Rasayan Scheme 2026

BHAVYA-Rasayan Scheme क्या है?

यह भारत सरकार की योजना है जिसके तहत देश में तीन समर्पित Chemical Parks विकसित किए जाएंगे।

BHAVYA का पूरा नाम क्या है?

इसका पूरा नाम Bharat Audyogik Vikas Yojana Rasayan है।

BHAVYA-Rasayan Scheme को कब मंजूरी मिली?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 जुलाई 2026 को इस योजना को मंजूरी दी थी।

इस योजना का कुल बजट कितना है?

इस योजना का कुल वित्तीय परिव्यय ₹3,030 करोड़ है, जिसमें ₹3,000 करोड़ infrastructure और ₹30 करोड़ प्रशासनिक खर्च के लिए हैं।

तीन Chemical Parks कहां बनेंगे?

इन पार्कों के लिए राज्यों का चयन Challenge-Based Selection के माध्यम से किया जाएगा। अंतिम स्थानों की पुष्टि आधिकारिक चयन प्रक्रिया के बाद होगी।

प्रत्येक Chemical Park के लिए केंद्र सरकार कितनी सहायता देगी?

केंद्र सरकार प्रत्येक पार्क के लिए अधिकतम ₹1,000 करोड़ का अनुदान दे सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य सरकार कम-से-कम ₹500 करोड़ का योगदान करे।

क्या किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। यह किसानों के लिए व्यक्तिगत subsidy या cash-benefit scheme नहीं है। यह राज्य सरकारों के माध्यम से Chemical Parks विकसित करने की औद्योगिक योजना है।

BHAVYA-Rasayan Scheme कब तक लागू रहेगी?

योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए निर्धारित है।

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