Agniveer New Rules 2026: अग्निवीरों को मिलेगी 2 साल अतिरिक्त सेवा, नियमित सेना में भर्ती का नया रास्ता
अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने नवंबर 2026 में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को शुरुआती चार साल की सेवा के बाद दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर देने की मंजूरी दी है। यह सुविधा उन अग्निवीरों के लिए होगी जिन्हें शुरुआती चार साल पूरे होने पर पहले चरण में नियमित सेवा के लिए चयनित नहीं किया जाता।
4 नवंबर 2026 को जारी रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, शुरुआती चार साल की सेवा के बाद 25% अग्निवीरों को पहले की तरह मेरिट के आधार पर नियमित रोजगार दिया जाएगा। शेष 75% अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। इस अतिरिक्त अवधि के पूरा होने के बाद उन्हें नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा, बशर्ते वे निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करें।
नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त सेवा अवधि में अधिक पारिश्रमिक, बेहतर Seva Nidhi पैकेज और वरिष्ठता से जुड़े लाभ भी दिए जाने की घोषणा की गई है। इससे अग्निवीरों को चार साल के बाद सेवा जारी रखने और नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का एक अतिरिक्त रास्ता मिलेगा।
Agniveer New Rules 2026: मुख्य जानकारी
योजना: अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme)
नया फैसला: 2 साल की अतिरिक्त सेवा अवधि
कैबिनेट की मंजूरी: 4 नवंबर 2026
शुरुआती सेवा अवधि: 4 साल
पहले चरण में नियमित चयन: 25% अग्निवीर, मेरिट के आधार पर
अतिरिक्त सेवा का अवसर: शेष 75% अग्निवीरों को, उनकी इच्छा के आधार पर
अधिकतम प्रस्तावित सेवा अवधि: 6 साल
अतिरिक्त सेवा के बाद: नियमित सैनिक के रूप में नामांकन का अवसर, चयन मानदंडों के अधीन
अतिरिक्त लाभ: अधिक पारिश्रमिक, बेहतर Seva Nidhi और वरिष्ठता लाभ
संबंधित मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence)
Agniveer New Rules 2026 में क्या बदलाव हुआ है?
अग्निपथ योजना के शुरुआती नियमों के अनुसार अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल निर्धारित थी। इस अवधि के अंत में अधिकतम 25% अग्निवीरों को उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान था। बाकी 75% अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर जाना होता था।
अब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी दी है। इसके तहत शुरुआती चार साल के बाद नियमित सेवा में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों को एक और दो साल की सेवा अवधि का विकल्प दिया जाएगा। यह अतिरिक्त सेवा उनकी इच्छा और संबंधित रक्षा बलों की प्रक्रिया के अनुसार होगी।
इस तरह अग्निवीरों को पहले चार साल के बाद एक और अवसर मिलेगा। दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद वे नियमित सैनिक के रूप में नामांकन के लिए विचार किए जाएंगे। हालांकि, नियमित सेवा में शामिल होना निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने पर निर्भर करेगा।
पहले और नए अग्निवीर नियमों में अंतर
| विवरण | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था 2026 |
|---|---|---|
| प्रारंभिक सेवा अवधि | 4 साल | 4 साल |
| पहले चरण में नियमित चयन | अधिकतम 25% | 25%, मेरिट के आधार पर |
| शेष 75% अग्निवीर | चार साल बाद सेवा से बाहर | इच्छा के आधार पर 2 साल अतिरिक्त सेवा का अवसर |
| अतिरिक्त सेवा अवधि | प्रावधान नहीं था | 2 साल |
| अधिकतम प्रस्तावित अवधि | 4 साल | 6 साल |
| अंतिम नियमित चयन का अवसर | पहले चार साल के बाद 25% तक | अतिरिक्त दो साल के बाद भी चयन का अवसर |
| अतिरिक्त अवधि के लाभ | लागू नहीं | अधिक पारिश्रमिक, बेहतर Seva Nidhi और वरिष्ठता लाभ |
25% अग्निवीरों को पहले चरण में नियमित सेना में भर्ती किया जाएगा
नई घोषणा में पहले से मौजूद 25% नियमित चयन का प्रावधान जारी रहेगा। चार साल की प्रारंभिक सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से 25% को मेरिट के आधार पर नियमित रोजगार दिया जाएगा। यह चयन संबंधित रक्षा बलों की निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यकताओं के अनुसार होगा।
इसका मतलब है कि शुरुआती चार साल पूरे होने पर नियमित सेवा में चयनित अग्निवीरों को उसी चरण में नियमित कैडर में शामिल होने का अवसर मिलेगा। उनके लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा वाला दूसरा चरण आवश्यक नहीं होगा।
शेष 75% अग्निवीरों को मिलेगी 2 साल अतिरिक्त सेवा
सरकार के नए फैसले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शेष 75% अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त सेवा का अवसर है। पहले चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित कैडर में शामिल नहीं होने वाले अग्निवीरों को अब दो साल के दूसरे Engagement Period का विकल्प दिया जाएगा।
यह अतिरिक्त सेवा सभी संबंधित अग्निवीरों पर स्वतः लागू नहीं होगी। आधिकारिक घोषणा के अनुसार यह अवसर उनकी इच्छा के आधार पर दिया जाएगा। इसलिए अग्निवीरों को सेवा जारी रखने की अपनी सहमति और संबंधित रक्षा बलों की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी होने के बाद इन अग्निवीरों को भी नियमित सैनिक के रूप में नामांकन का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होगा।
6 साल बाद नियमित सेना में भर्ती का नया रास्ता
नई व्यवस्था में अग्निवीरों के लिए नियमित सैन्य सेवा तक पहुंचने के दो चरण होंगे। पहले चरण में चार साल की सेवा पूरी करने पर 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा। दूसरे चरण में शेष अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा।
दूसरे चरण के बाद वे निर्धारित चयन मानदंडों के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में नामांकन के लिए पात्र होंगे। इस प्रकार अतिरिक्त सेवा का विकल्प लेने वाले अग्निवीरों के लिए कुल सेवा अवधि छह साल तक हो सकती है।
नई व्यवस्था का सरल उदाहरण
पहला चरण: अग्निवीर चार साल की प्रारंभिक सेवा पूरी करेंगे।
दूसरा चरण: 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा।
तीसरा चरण: शेष 75% अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा।
चौथा चरण: अतिरिक्त दो साल पूरे होने के बाद अग्निवीरों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार नियमित सैनिक बनने का अवसर दिया जाएगा।
ध्यान दें कि छह साल पूरे होने पर सभी अग्निवीरों की स्थायी नियुक्ति अपने आप नहीं होगी। नियमित नामांकन के लिए इच्छुक होना और चयन की निर्धारित शर्तें पूरी करना जरूरी होगा।
अतिरिक्त सेवा में मिलेगा अधिक वेतन और बेहतर Seva Nidhi
रक्षा मंत्रालय की घोषणा के अनुसार दो साल की अतिरिक्त Engagement Period में अग्निवीरों को पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक दिया जाएगा। इसके साथ ही Seva Nidhi पैकेज को भी बेहतर किया जाएगा। वरिष्ठता से जुड़े लाभ भी इस नई व्यवस्था का हिस्सा होंगे।
हालांकि, 4 नवंबर 2026 की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में अतिरिक्त अवधि के लिए वेतन की अलग-अलग वर्षवार राशि या Seva Nidhi की सटीक नई गणना का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए किसी निश्चित मासिक वेतन या अंतिम पैकेज की राशि को आधिकारिक आदेश के बिना निश्चित नहीं माना जाना चाहिए।
नई व्यवस्था में घोषित लाभ
- दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर।
- अतिरिक्त सेवा अवधि में अधिक पारिश्रमिक।
- बेहतर Seva Nidhi पैकेज।
- वरिष्ठता से संबंधित लाभ।
- अतिरिक्त सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में नामांकन का अवसर।
क्या अग्निपथ योजना पूरी तरह खत्म कर दी गई है?
नहीं। 4 नवंबर 2026 की रक्षा मंत्रालय की घोषणा के अनुसार अग्निपथ योजना जारी रहेगी। सरकार ने योजना को समाप्त करने के बजाय इसके सेवा और नियमित कैडर में शामिल होने के अवसरों से संबंधित प्रावधानों में बदलाव किया है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य अग्निवीरों की सेवा के अनुभव और प्रदर्शन का उपयोग करते हुए उन्हें नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर देना है। पहले चार साल के बाद 25% नियमित चयन का प्रावधान जारी रहेगा और शेष 75% के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प जोड़ा गया है।
पहले बैच के अग्निवीरों पर नए नियमों का क्या प्रभाव होगा?
अग्निपथ योजना के शुरुआती बैच ने 2022 में भर्ती प्रक्रिया के बाद सेवा शुरू की थी। इस बैच के अग्निवीरों के चार साल पूरे होने का समय 2026 में आया है। ऐसे समय में सरकार की नई घोषणा से शुरुआती बैच के उन अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त सेवा का विकल्प सामने आया है, जो पहले चरण में नियमित सेवा के लिए चयनित नहीं होते।
इस बदलाव का वास्तविक क्रियान्वयन संबंधित रक्षा बलों द्वारा जारी निर्देशों और लागू प्रक्रिया के अनुसार होगा। पात्रता, सहमति देने की प्रक्रिया, चयन के विस्तृत मानदंड और अतिरिक्त सेवा की शर्तों के लिए आधिकारिक आदेश देखना जरूरी है।
नए नियमों में नियमित सैनिक बनने के लिए क्या शर्तें होंगी?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक के रूप में नामांकन अग्निवीर की इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों पर निर्भर करेगा। इसका अर्थ है कि केवल छह साल सेवा पूरी कर लेना नियमित नियुक्ति की स्वतः गारंटी नहीं है।
चयन से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया, मूल्यांकन के मानक, दस्तावेज, शारीरिक और अन्य आवश्यकताओं का विवरण संबंधित रक्षा बलों के आधिकारिक निर्देशों से निर्धारित होगा। जब तक विस्तृत नियम जारी नहीं होते, तब तक किसी विशेष परीक्षा, कटऑफ या अतिरिक्त योग्यता को अनिवार्य बताना उचित नहीं है।
Agniveer New Rules 2026: महत्वपूर्ण तारीखें
| घटना | तारीख / अवधि |
|---|---|
| अग्निपथ योजना की शुरुआत | 14 जून 2022 |
| नए बदलाव को कैबिनेट की मंजूरी | 4 नवंबर 2026 |
| प्रारंभिक सेवा अवधि | 4 साल |
| अतिरिक्त सेवा अवधि | 2 साल |
| अतिरिक्त सेवा लेने पर कुल अवधि | 6 साल तक |
अग्निवीरों को अभी क्या करना चाहिए?
जो अग्निवीर अपनी चार साल की सेवा पूरी करने वाले हैं या कर चुके हैं, उन्हें अपने संबंधित यूनिट और रक्षा बलों से जारी होने वाले आधिकारिक निर्देशों पर ध्यान देना चाहिए। अतिरिक्त सेवा का विकल्प, सहमति देने की समय-सीमा, पात्रता और चयन प्रक्रिया की जानकारी संबंधित आधिकारिक आदेश में दी जाएगी।
- अपनी यूनिट से जारी आधिकारिक निर्देशों की जानकारी लें।
- अतिरिक्त दो साल की सेवा के लिए सहमति और प्रक्रिया को समझें।
- नियमित सेवा के लिए निर्धारित चयन मानदंडों की जानकारी प्राप्त करें।
- वेतन, Seva Nidhi और वरिष्ठता से जुड़े आधिकारिक निर्देशों को देखें।
- सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट वेतन, चयन प्रतिशत या भर्ती संबंधी दावों पर भरोसा न करें।
आधिकारिक जानकारी और नोटिफिकेशन लिंक
रक्षा मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति: Agniveers के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा और नियमित भर्ती का रास्ता – PIB
रक्षा मंत्रालय: Ministry of Defence Official Website
भारतीय सेना: Join Indian Army Official Website
अग्निपथ योजना: MyGov – Government of India
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Agniveer New Rules 2026 कब मंजूर हुए?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा और नियमित नामांकन का नया रास्ता 4 नवंबर 2026 को मंजूर किया।
2. क्या अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल कर दी गई है?
नई व्यवस्था के तहत शुरुआती चार साल के बाद पहले चरण में नियमित चयनित नहीं होने वाले शेष 75% अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। इसलिए यह सभी अग्निवीरों के लिए स्वतः छह साल की अनिवार्य सेवा नहीं है।
3. पहले चार साल बाद कितने अग्निवीर नियमित सेना में शामिल होंगे?
पहले चरण में 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान जारी रहेगा।
4. शेष 75% अग्निवीरों को क्या लाभ मिलेगा?
उन्हें उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। इस अवधि में अधिक पारिश्रमिक, बेहतर Seva Nidhi पैकेज और वरिष्ठता लाभ दिए जाने की घोषणा की गई है।
5. क्या दो साल बाद सभी अग्निवीर स्थायी सैनिक बन जाएंगे?
नियमित सैनिक के रूप में नामांकन स्वतः नहीं होगा। अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों के अधीन नियमित सेवा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।
6. क्या अग्निपथ योजना समाप्त कर दी गई है?
नहीं। सरकार की घोषणा के अनुसार अग्निपथ योजना जारी रहेगी। इसमें अतिरिक्त दो साल की सेवा और नियमित नामांकन का एक नया अवसर जोड़ा गया है।
7. क्या अतिरिक्त दो साल में वेतन बढ़ेगा?
रक्षा मंत्रालय ने अतिरिक्त सेवा अवधि में अधिक पारिश्रमिक देने की घोषणा की है। हालांकि, 4 नवंबर की प्रेस विज्ञप्ति में वर्षवार वेतन की सटीक राशि नहीं बताई गई है।
8. क्या Seva Nidhi पैकेज में बदलाव होगा?
सरकार ने अतिरिक्त सेवा अवधि के लिए बेहतर Seva Nidhi पैकेज की घोषणा की है। इसकी विस्तृत गणना और शर्तों के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश देखना जरूरी है।
9. क्या नए नियम सभी अग्निवीरों पर लागू होंगे?
नए बदलाव का मुख्य प्रावधान उन अग्निवीरों के लिए है जो शुरुआती चार साल के बाद पहले चरण में नियमित सेवा के लिए चयनित नहीं होते। उन्हें इच्छा के आधार पर अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा। विस्तृत क्रियान्वयन संबंधित रक्षा बलों के आदेशों के अनुसार होगा।
10. नए नियमों की पूरी जानकारी कहां मिलेगी?
आधिकारिक जानकारी रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट, PIB की प्रेस विज्ञप्ति और संबंधित रक्षा बलों के आधिकारिक निर्देशों पर उपलब्ध होगी।
निष्कर्ष
Agniveer New Rules 2026 के तहत केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प जोड़ने की मंजूरी दी है। शुरुआती चार साल के बाद 25% अग्निवीरों को पहले की तरह मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75% को इच्छा के आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा।
अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद इन अग्निवीरों को भी नियमित सैनिक के रूप में नामांकन का अवसर मिलेगा। इसके लिए उनकी सहमति और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होगा। अतिरिक्त अवधि में अधिक पारिश्रमिक, बेहतर Seva Nidhi और वरिष्ठता लाभ दिए जाने की घोषणा भी की गई है।
अग्निवीरों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यूनिट और रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी विस्तृत निर्देशों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया पूरी करें।
Disclaimer: यह लेख रक्षा मंत्रालय की 4 नवंबर 2026 की आधिकारिक घोषणा पर आधारित है। दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर शेष 75% अग्निवीरों के लिए उनकी इच्छा के आधार पर है। अतिरिक्त सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में नामांकन स्वतः सुनिश्चित नहीं है और निर्धारित चयन मानदंडों के अधीन होगा। वेतन, Seva Nidhi, वरिष्ठता, पात्रता और क्रियान्वयन से जुड़े विस्तृत नियमों के लिए रक्षा मंत्रालय तथा संबंधित रक्षा बलों के आधिकारिक आदेशों को अंतिम मानें।