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Digital Life Certificate Campaign 5: पेंशनभोगियों के लिए 2 करोड़ प्रमाणपत्र का लक्ष्य, 115 शहरों में कैंप
केंद्र सरकार ने पेंशनभोगियों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने और जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए Nationwide Digital Life Certificate Campaign 5 शुरू किया है। यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक देशभर में चलाया जा रहा है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के अनुसार इस बार पूरे देश में 2.30 करोड़ Digital Life Certificates (DLCs) तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 1.50 करोड़ प्रमाणपत्र Face Authentication Technology के माध्यम से बनाने का लक्ष्य है।
इस अभियान के अंतर्गत देश के 2,000 शहरों और जिलों में कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं State Bank of India (SBI) ने पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए 115 शहरों में विशेष DLC कैंप लगाने की व्यवस्था की है।
Digital Life Certificate Campaign 5: मुख्य जानकारी
| अभियान का नाम | Nationwide Digital Life Certificate Campaign 5 |
|---|---|
| अभियान की अवधि | 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 |
| संबंधित विभाग | Department of Pension & Pensioners Welfare (DoPPW) |
| मंत्रालय | कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय |
| देशव्यापी लक्ष्य | 2.30 करोड़ Digital Life Certificates |
| Face Authentication लक्ष्य | 1.50 करोड़ प्रमाणपत्र |
| देशव्यापी कवरेज | 2,000 शहर और जिले |
| SBI विशेष कैंप | 115 शहर |
| मुख्य तकनीक | Aadhaar आधारित Face Authentication |
क्या है Digital Life Certificate Campaign 5?
Digital Life Certificate को हिंदी में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र कहा जाता है। पेंशन प्राप्त करने वाले लोगों को यह प्रमाणित करना होता है कि वे जीवित हैं, ताकि उनकी पेंशन का भुगतान जारी रह सके। पहले पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए बैंक या संबंधित कार्यालय जाना पड़ता था। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अब यह प्रक्रिया स्मार्टफोन और अन्य अधिकृत माध्यमों से भी पूरी की जा सकती है।
Digital Life Certificate को Jeevan Pramaan के नाम से भी जाना जाता है। Campaign 5 का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पेंशनभोगियों तक इस डिजिटल सुविधा को पहुंचाना है, विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगियों तक।
यह विभाग का पांचवां राष्ट्रव्यापी अभियान है और सरकार ने इसे अब तक का सबसे बड़ा DLC अभियान बताया है।
2.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने का लक्ष्य
DoPPW ने Campaign 5 के लिए देशभर में 2.30 करोड़ Digital Life Certificates बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य में 1.50 करोड़ प्रमाणपत्र Face Authentication Technology के माध्यम से तैयार करने का लक्ष्य शामिल है। इसके लिए सरकार ने Saturation Model अपनाया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र पेंशनभोगियों तक अभियान की सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
इस अभियान में केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, पेंशन भुगतान करने वाले बैंकों, डाक विभाग और पेंशनभोगी कल्याण संगठनों के बीच समन्वय किया जा रहा है।
ध्यान दें कि 2.30 करोड़ पूरे देश के अभियान का लक्ष्य है। 115 शहरों में कैंप आयोजित करने की जानकारी SBI की विशेष पहल से संबंधित है, न कि पूरे देश के अभियान की कुल कवरेज से।
SBI के 115 शहरों में लगेंगे विशेष कैंप
2 नवंबर 2026 को Department of Pension and Pensioners Welfare ने State Bank of India के सहयोग से नई दिल्ली स्थित NDCC Convention Centre में मेगा कैंप आयोजित किया। यह कार्यक्रम Nationwide Digital Life Certificate Campaign 5 के अंतर्गत आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर SBI ने बताया कि वह अभियान के दौरान 115 शहरों में विशेष DLC कैंप आयोजित कर रहा है। बैंक अपनी शाखाओं और समर्पित सहायता टीमों के माध्यम से पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने में मदद करेगा।
DoPPW की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने पेंशनभोगियों को Face Authentication जैसी तकनीक का उपयोग करने और डिजिटल सेवाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
Face Authentication से घर बैठे बनेगा Digital Life Certificate
Campaign 5 में Face Authentication Technology पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस तकनीक के माध्यम से पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन के कैमरे का उपयोग करके डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र तैयार कर सकते हैं। इसके लिए Android और iOS दोनों तरह के स्मार्टफोन का उपयोग किया जा सकता है।
इस प्रक्रिया में Aadhaar आधारित पहचान और फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग होता है। इससे पेंशनभोगियों को हर बार बैंक या सरकारी कार्यालय जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। बुजुर्ग और चलने-फिरने में कठिनाई महसूस करने वाले लोगों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी है।
Face Authentication के प्रमुख फायदे
- स्मार्टफोन से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने की सुविधा।
- Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपयोग।
- फिंगरप्रिंट स्कैनर जैसे अलग बायोमेट्रिक उपकरण पर निर्भरता कम।
- बैंक या कार्यालय जाने की जरूरत कम हो सकती है।
- बुजुर्ग और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगियों को सुविधा।
कौन-कौन से विभाग और संस्थाएं अभियान में शामिल हैं?
Digital Life Certificate Campaign 5 को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने Whole of Government Approach अपनाया है। इसमें कई बैंक, सरकारी विभाग और तकनीकी संस्थाएं सहयोग कर रहे हैं।
| संस्था या विभाग | भूमिका |
|---|---|
| 19 बैंक | पेंशनभोगियों को DLC जमा करने में सहायता |
| India Post Payments Bank | डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र और आवश्यकतानुसार डोरस्टेप सेवाएं |
| 785 जिला डाकघर | स्थानीय स्तर पर पेंशनभोगियों तक पहुंच |
| 56 Pensioners Welfare Associations | जागरूकता और पेंशनभोगियों की सहायता |
| MeitY और UIDAI | Face Authentication तकनीक के लिए तकनीकी सहयोग |
| CGDA | रक्षा पेंशन से संबंधित समन्वय |
| रेलवे और DoT | संबंधित पेंशनभोगियों तक अभियान पहुंचाना |
| EPFO और राज्य सरकारें | पेंशन सेवाओं और स्थानीय स्तर पर सहयोग |
कैंप में पेंशनभोगियों को मिलेंगी अन्य सुविधाएं
इस अभियान को केवल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने तक सीमित नहीं रखा गया है। सरकार ने इसे Utsav Mode में आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें पेंशनभोगियों को अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
- Health Check-up: कैंप में स्वास्थ्य जांच की सुविधा।
- Aadhaar Updation: आवश्यकता के अनुसार आधार विवरण अपडेट कराने में सहायता।
- Doorstep Service: जरूरतमंद पेंशनभोगियों के लिए घर पर सेवा की व्यवस्था।
- Grievance Support: Digital Life Certificate से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए अधिकारी।
- Awareness Activities: SMS, सोशल मीडिया, जिंगल और लघु फिल्मों के माध्यम से जानकारी।
विशेष रूप से अत्यधिक बुजुर्ग, दिव्यांग या अस्वस्थ पेंशनभोगियों तक डोरस्टेप सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
पेंशनभोगी Digital Life Certificate कैसे बनाएं?
पेंशनभोगी Jeevan Pramaan की डिजिटल सुविधा के माध्यम से अपना जीवन प्रमाणपत्र तैयार कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक Jeevan Pramaan सेवा और उपलब्ध Face Authentication सुविधा का उपयोग किया जा सकता है।
- आधिकारिक Jeevan Pramaan वेबसाइट खोलें।
- Face Authentication के लिए उपलब्ध आधिकारिक ऐप और आवश्यक फेस ऑथेंटिकेशन सेवा का उपयोग करें।
- आवश्यक Aadhaar और पेंशन संबंधी विवरण दर्ज करें।
- निर्देशों के अनुसार फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी करें।
- प्रमाणपत्र सफलतापूर्वक बनने के बाद प्राप्त Jeevan Pramaan ID या acknowledgement सुरक्षित रखें।
यदि पेंशनभोगी स्वयं डिजिटल प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं, तो वे अभियान के दौरान बैंक, डाकघर या अन्य अधिकृत कैंप से सहायता ले सकते हैं। उपलब्ध सेवाओं की जानकारी के लिए अपने पेंशन भुगतान बैंक या संबंधित कार्यालय से संपर्क करें।
आधिकारिक वेबसाइट और जरूरी लिंक
| Jeevan Pramaan Portal | यहां जाएं |
| Digital Life Certificate Campaign 5 — PIB Release | 30 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति |
| SBI के 115 शहरों में विशेष कैंप — PIB Release | 2 नवंबर 2026 की विज्ञप्ति |
| Department of Pension & Pensioners Welfare | आधिकारिक पोर्टल |
| State Bank of India | आधिकारिक वेबसाइट |
Digital Life Certificate Campaign 5: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Digital Life Certificate Campaign 5 कब तक चलेगा?
यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
2. Campaign 5 में कितने Digital Life Certificate बनाने का लक्ष्य है?
देशभर में 2.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाने का लक्ष्य है। इनमें 1.50 करोड़ प्रमाणपत्र Face Authentication से बनाने का लक्ष्य शामिल है।
3. SBI कितने शहरों में विशेष DLC कैंप आयोजित कर रहा है?
State Bank of India अभियान के दौरान 115 शहरों में विशेष DLC कैंप आयोजित कर रहा है।
4. Digital Life Certificate क्या है?
Digital Life Certificate पेंशनभोगी के जीवित होने का डिजिटल प्रमाण है, जिसे पेंशन भुगतान जारी रखने के लिए जमा किया जाता है। इसे Jeevan Pramaan भी कहा जाता है।
5. क्या मोबाइल से Digital Life Certificate बनाया जा सकता है?
हां, Aadhaar आधारित Face Authentication के माध्यम से Android और iOS स्मार्टफोन पर डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र तैयार किया जा सकता है।
6. क्या बुजुर्ग पेंशनभोगियों को घर पर सुविधा मिलेगी?
अभियान में जरूरतमंद पेंशनभोगियों के लिए Doorstep Services की व्यवस्था की गई है। इसके लिए अपने बैंक या संबंधित सेवा प्रदाता से उपलब्धता की पुष्टि करें।
7. Digital Life Certificate कहां से बनवाएं?
पेंशनभोगी Jeevan Pramaan Portal, Face Authentication सुविधा, अपने पेंशन भुगतान बैंक या अभियान के अधिकृत कैंप की सहायता से प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं।
निष्कर्ष
Digital Life Certificate Campaign 5 पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान में देशभर में 2.30 करोड़ प्रमाणपत्र बनाने और 1.50 करोड़ Face Authentication प्रमाणपत्र तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। SBI के 115 शहरों में विशेष कैंप, बैंक और डाकघर नेटवर्क, तकनीकी सहायता तथा जरूरतमंद लोगों के लिए Doorstep Services से अधिक पेंशनभोगियों तक सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पेंशनभोगियों को अपने जीवन प्रमाणपत्र की स्थिति और स्थानीय कैंप की जानकारी के लिए आधिकारिक Jeevan Pramaan Portal तथा अपने पेंशन भुगतान बैंक से संपर्क करना चाहिए।