PM-DAKSH Yojana: Government Factsheet 2026
PM-DAKSH योजना के तहत 96,162 उम्मीदवारों को रोजगार या स्वरोजगार
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की 22 अक्टूबर 2026 की सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, PM-DAKSH Yojana के अंतर्गत वित्त वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच 1,87,305 उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया। इसी अवधि में 96,162 उम्मीदवारों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा गया। योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विमुक्त जनजातियों तथा सफाई कर्मचारियों सहित लक्षित समूहों की कौशल क्षमता और आजीविका के अवसर बढ़ाना था।
PM-DAKSH का पूरा नाम Pradhan Mantri Dakshata Aur Kushalta Sampann Hitgrahi है। यह केंद्र सरकार की Central Sector Scheme थी, जिसे 2020-21 में शुरू किया गया। योजना के तहत empanelled training institutes के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जाता था, ताकि पात्र लोगों को wage employment यानी वेतन वाले रोजगार और self-employment यानी स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
महत्वपूर्ण अपडेट: सरकार की फैक्टशीट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 से PM-DAKSH को Ministry of Skill Development and Entrepreneurship की Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana (PMKVY) में समाहित कर दिया गया। इसलिए PM-DAKSH के पुराने आंकड़ों को वर्तमान में नई, अलग से संचालित योजना या नए आवेदन खुलने की घोषणा नहीं समझना चाहिए।
PM-DAKSH Yojana की प्रमुख उपलब्धियां
| विवरण | आधिकारिक आंकड़ा |
|---|---|
| योजना शुरू होने का वर्ष | 2020-21 |
| आंकड़ों की अवधि | 2020-21 से 2023-24 |
| प्रशिक्षित उम्मीदवार | 1,87,305 |
| रोजगार या स्वरोजगार से जुड़े उम्मीदवार | 96,162 |
| आवंटित कुल राशि | ₹276.47 करोड़ |
| रिपोर्ट में बताया गया वास्तविक व्यय | ₹309.50 करोड़ |
| PMKVY में समाहित | वित्त वर्ष 2024-25 से |
नोट: ₹276.47 करोड़ आवंटित राशि और ₹309.50 करोड़ वास्तविक व्यय के आंकड़े PIB की फैक्टशीट में दिए गए हैं। इन्हें अलग-अलग वित्तीय संकेतकों के रूप में समझें।
PM-DAKSH योजना का उद्देश्य क्या था?
योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित लक्षित समूहों के लिए कौशल प्रशिक्षण के अवसर बढ़ाना और उन्हें रोजगार तथा स्वरोजगार के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण के माध्यम से उम्मीदवारों को काम से जुड़ी क्षमताएं विकसित करने और अपनी आजीविका के अवसर बढ़ाने में मदद दी जाती थी।
- कौशल प्रशिक्षण के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाना।
- पात्र उम्मीदवारों को स्वरोजगार और आजीविका के लिए तैयार करना।
- लक्षित समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार को समर्थन देना।
- प्रशिक्षण संस्थानों और संबंधित उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाना।
- योग्य उम्मीदवारों को उद्यम शुरू करने के लिए संबंधित Corporations के माध्यम से सहायता और handholding उपलब्ध कराना।
PM-DAKSH के तहत कौन से वर्ग शामिल थे?
सरकारी फैक्टशीट में योजना के लक्षित समूहों में निम्नलिखित वर्गों को शामिल किया गया था:
- Scheduled Castes (SC): अनुसूचित जाति के पात्र उम्मीदवार।
- Other Backward Classes (OBC): अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र उम्मीदवार।
- Economically Weaker Sections (EWS): आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पात्र उम्मीदवार।
- De-notified Tribes (DNTs): विमुक्त जनजातियों के पात्र उम्मीदवार।
- Safai Karamcharis: सफाई कर्मचारी, जिनमें Waste Pickers भी शामिल हैं।
किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पात्रता, दस्तावेज और अन्य शर्तें संबंधित दिशानिर्देशों पर निर्भर करती थीं। ऊपर दिए गए वर्गों का उल्लेख योजना के लक्षित समूहों के संदर्भ में है; यह सभी व्यक्तियों के लिए स्वतः पात्रता की गारंटी नहीं है।
PM-DAKSH योजना को किन संस्थाओं ने लागू किया?
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (Department of Social Justice and Empowerment) के अंतर्गत तीन Corporations योजना के क्रियान्वयन में शामिल थे:
| संस्था | पूरा नाम |
|---|---|
| NSFDC | National Scheduled Castes Finance and Development Corporation |
| NBCFDC | National Backward Classes Finance and Development Corporation |
| NSKFDC | National Safai Karamcharis Finance and Development Corporation |
विभाग इन Corporations को धनराशि जारी करता था। इसके बाद निर्धारित दिशा-निर्देशों और work order के अनुसार प्रशिक्षण की लागत PMKVY के अंतर्गत empanelled training institutes को प्रतिपूर्ति की जाती थी।
प्रशिक्षण के बाद रोजगार की क्या शर्त थी?
PIB की फैक्टशीट के अनुसार, प्रशिक्षण संस्थानों के लिए प्रशिक्षित उम्मीदवारों में से कम-से-कम 70 प्रतिशत को wage employment और/या self-employment उपलब्ध कराने की शर्त थी। यदि संस्थान यह शर्त पूरी नहीं करता था, तो प्रशिक्षण लागत की तीसरी किस्त, जो कुल प्रशिक्षण लागत का 30 प्रतिशत थी, जब्त की जा सकती थी।
प्रशिक्षण संस्थानों को रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए संबंधित उद्योगों के साथ सहयोग बनाए रखने की भी आवश्यकता थी। पात्र लक्षित समूहों के युवाओं को अपना प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए संबंधित Corporations की ओर से loan facilities और handholding सहायता भी उपलब्ध कराई जाती थी। ऋण सहायता पात्रता और लागू नियमों के अधीन थी।
PM-DAKSH के मूल्यांकन अध्ययन में क्या सामने आया?
सरकार द्वारा बताई गई evaluation study के अनुसार, 90 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने कहा कि प्रशिक्षण उनके career goals और स्थानीय labour market की जरूरतों के अनुरूप था। अध्ययन में प्रशिक्षण से अपेक्षित learning outcomes प्राप्त होने की बात भी दर्ज की गई।
मूल्यांकन में कौशल के अलावा आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और सामाजिक पहचान में सुधार जैसे गैर-आर्थिक लाभों का भी उल्लेख किया गया, विशेषकर महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले समूहों के संदर्भ में। अध्ययन में अधिकांश लाभार्थियों द्वारा सीखे गए कौशल का उपयोग जारी रखने और भविष्य में आय में वृद्धि की उम्मीद रखने जैसे सकारात्मक संकेत भी बताए गए।
2024-25 से PM-DAKSH को PMKVY में क्यों मिलाया गया?
सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, PM-DAKSH के प्रशिक्षण के लिए job roles Skill India Digital Hub (SIDH) पोर्टल से लिए जाते थे। ये job roles PMKVY में भी शामिल थे। चूंकि PM-DAKSH, PMKVY के अतिरिक्त समान प्रकार के प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही थी, इसलिए दोनों के बीच duplication से बचने के लिए 2024-25 से PM-DAKSH को PMKVY में समाहित करने का निर्णय लिया गया।
इसका अर्थ है कि PM-DAKSH के 2020-21 से 2023-24 तक के आंकड़े ऐतिहासिक उपलब्धियां हैं। वर्तमान कौशल प्रशिक्षण अवसरों के लिए PMKVY और Skill India Digital Hub की मौजूदा घोषणाओं तथा नियमों को देखना चाहिए।
अब कौशल प्रशिक्षण की जानकारी कहां देखें?
कौशल प्रशिक्षण और संबंधित कार्यक्रमों की वर्तमान जानकारी के लिए Ministry of Skill Development and Entrepreneurship तथा Skill India Digital Hub के आधिकारिक माध्यम देखें। आवेदन खुला है या नहीं, कौन से job roles उपलब्ध हैं, और कौन से दस्तावेज चाहिए—इनकी पुष्टि संबंधित कार्यक्रम की वर्तमान अधिसूचना से करें।
- Ministry of Skill Development and Entrepreneurship (MSDE)
- Skill India Digital Hub (SIDH)
- Ministry of Social Justice and Empowerment
PM-DAKSH Yojana: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. PM-DAKSH योजना के तहत कितने उम्मीदवारों को रोजगार मिला?
2020-21 से 2023-24 के दौरान 96,162 उम्मीदवारों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा गया।
2. PM-DAKSH के तहत कितने उम्मीदवारों को प्रशिक्षण मिला?
इसी अवधि में 1,87,305 उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया।
3. PM-DAKSH योजना किन लोगों के लिए थी?
इसके लक्षित समूहों में SC, OBC, EWS, DNTs और सफाई कर्मचारी, जिनमें Waste Pickers भी शामिल हैं, आते थे। पात्रता संबंधित नियमों के अधीन थी।
4. क्या PM-DAKSH योजना अभी अलग से चल रही है?
सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 से PM-DAKSH को PMKVY में समाहित कर दिया गया था। वर्तमान अवसरों के लिए PMKVY और Skill India Digital Hub की आधिकारिक जानकारी देखें।
5. प्रशिक्षण संस्थानों के लिए रोजगार से जुड़ी क्या शर्त थी?
प्रशिक्षण संस्थानों को कम-से-कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को wage employment और/या self-employment उपलब्ध कराने की शर्त थी। शर्त पूरी न होने पर तीसरी किस्त, यानी प्रशिक्षण लागत का 30 प्रतिशत, जब्त किया जा सकता था।
6. क्या PM-DAKSH के तहत सीधे नकद सहायता मिलती थी?
इस फैक्टशीट का मुख्य फोकस कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार है। इसे सभी पात्र व्यक्तियों को सीधे नकद राशि देने वाली योजना के रूप में नहीं समझना चाहिए। ऋण या परियोजना सहायता अलग पात्रता और नियमों पर निर्भर थी।
निष्कर्ष
PM-DAKSH Yojana के तहत 2020-21 से 2023-24 के बीच 1,87,305 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया और 96,162 उम्मीदवारों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा गया। मूल्यांकन अध्ययन में प्रशिक्षण की उपयोगिता और लाभार्थियों के आत्मविश्वास में सुधार जैसे सकारात्मक परिणाम भी दर्ज किए गए। हालांकि, 2024-25 से इस योजना को PMKVY में समाहित कर दिया गया है। इसलिए वर्तमान कौशल प्रशिक्षण अवसरों के लिए आधिकारिक PMKVY और Skill India Digital Hub पोर्टल की जानकारी जांचना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक फैक्टशीट पर आधारित सूचना लेख है। इसमें दिए गए रोजगार और प्रशिक्षण के आंकड़े 2020-21 से 2023-24 की अवधि के हैं। PM-DAKSH को 2024-25 से PMKVY में समाहित किए जाने के कारण वर्तमान आवेदन, पात्रता और प्रशिक्षण अवसरों के लिए संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम सूचना की पुष्टि करें।