VISTAR Scheme 2026: केंद्र सरकार की ₹4,371 करोड़ की नई योजना, AI और 8वीं Economic Census को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र सरकार ने भारत की सरकारी सांख्यिकी और डेटा संग्रह व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए VISTAR Scheme 2026 को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 नवंबर 2026 को Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research (VISTAR) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू करने की स्वीकृति दी। इस पांच वर्षीय केंद्रीय क्षेत्र योजना के लिए कुल ₹4,371.10 करोड़ का वित्तीय परिव्यय निर्धारित किया गया है।
इस योजना के तहत सांख्यिकीय प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाया जाएगा और डेटा प्रोसेसिंग, सत्यापन तथा विश्लेषण में Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning (ML) का उपयोग बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, सरकार 16वें वित्त आयोग चक्र के दौरान 59 सर्वेक्षण कराने की योजना बना रही है। VISTAR के अंतर्गत 8वीं Economic Census भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से आयोजित की जाएगी, जिसमें गैर-कृषि प्रतिष्ठानों और उनमें काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक जुटाई जाएगी।
VISTAR Scheme 2026: मुख्य जानकारी
योजना का पूरा नाम: Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research
संक्षिप्त नाम: VISTAR
मंजूरी की तारीख: 4 नवंबर 2026
योजना की अवधि: 2026-27 से 2030-31
कुल बजट: ₹4,371.10 करोड़
योजना का प्रकार: Central Sector Scheme
संबंधित मंत्रालय: Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI)
प्रमुख तकनीक: Artificial Intelligence और Machine Learning
प्रस्तावित सर्वेक्षण: 59
प्रमुख गतिविधि: 8वीं Economic Census
मुख्य उद्देश्य: भारत की आधिकारिक सांख्यिकी व्यवस्था का आधुनिकीकरण
क्या है VISTAR Scheme 2026?
VISTAR का पूरा नाम Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research है। यह भारत सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसके माध्यम से देश की आधिकारिक सांख्यिकी व्यवस्था को अधिक आधुनिक, डिजिटल, विश्वसनीय और समयबद्ध बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना का क्रियान्वयन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा किया जाएगा। इसके अंतर्गत मंत्रालय के सर्वेक्षण, डेटा प्रबंधन, सांख्यिकीय अनुसंधान और Economic Census से संबंधित गतिविधियों को एक व्यापक ढांचे के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
VISTAR का उद्देश्य केवल आंकड़े एकत्र करना नहीं है, बल्कि ऐसे डेटा सिस्टम विकसित करना भी है जिनसे केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन योजनाओं की जरूरतों, रोजगार, उपभोग, व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
₹4,371.10 करोड़ का बजट और योजना की अवधि
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने VISTAR योजना के लिए पांच वर्षों में कुल ₹4,371.10 करोड़ का वित्तीय परिव्यय मंजूर किया है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से शुरू होकर 2030-31 तक चलेगी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल स्वीकृत बजट | ₹4,371.10 करोड़ |
| शुरुआती वित्त वर्ष | 2026-27 |
| अंतिम वित्त वर्ष | 2030-31 |
| कुल अवधि | 5 वर्ष |
| योजना का प्रकार | Central Sector Scheme |
| क्रियान्वयन मंत्रालय | MoSPI |
VISTAR एक Central Sector Scheme है। इसे राज्यों के साथ लागत साझा करने वाली Centrally Sponsored Scheme के रूप में नहीं समझना चाहिए। इसके अंतर्गत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांख्यिकी क्षमता मजबूत करने के लिए अलग सहायता घटक भी शामिल है।
VISTAR Scheme के तीन प्रमुख घटक
सरकार ने VISTAR योजना को तीन मुख्य घटकों में विभाजित किया है। इनका उद्देश्य राष्ट्रीय सर्वेक्षण प्रणाली, राज्य स्तरीय सांख्यिकी व्यवस्था और आर्थिक गणना को एक साथ मजबूत करना है।
1. Comprehensive Statistical Operations and Strengthening of Ecosystem
इस घटक के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर सर्वेक्षण, सांख्यिकीय प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण, डेटा संग्रह, सत्यापन और विश्लेषण को बेहतर बनाया जाएगा। AI और Machine Learning को नियमित सांख्यिकीय कार्यप्रणाली में शामिल किया जाएगा।
- 59 सर्वेक्षण कराने की योजना।
- डेटा संग्रह और प्रोसेसिंग का डिजिटलीकरण।
- AI और ML आधारित डेटा सत्यापन तथा विश्लेषण।
- नए आर्थिक सूचकांक विकसित करना।
- वैकल्पिक डेटा स्रोतों का उपयोग।
2. Support for Statistical Strengthening (SSS 2.0)
इस घटक के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांख्यिकी क्षमता मजबूत की जाएगी। इसके लिए SSS 2.0 नाम से संशोधित ढांचा तैयार किया गया है, जिसमें वित्तीय सहायता को निर्धारित परिणामों और कार्य-लक्ष्यों से जोड़ा जाएगा।
- राज्य और जिला स्तर पर बेहतर डेटा संग्रह।
- स्थानीय स्तर पर डेटा प्रोसेसिंग की क्षमता विकसित करना।
- राज्य और जिला GDP अनुमान तैयार करने में सहायता।
- राज्य स्तर पर Index of Industrial Production तैयार करने में सहयोग।
- बड़े शहरों और जिलों के लिए अधिक विस्तृत सांख्यिकीय अनुमान।
3. Economic Census (आर्थिक गणना)
तीसरे घटक के अंतर्गत 8वीं Economic Census आयोजित की जाएगी। यह गणना राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से की जाएगी। इसमें देश के गैर-कृषि प्रतिष्ठानों, उनकी गतिविधियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों का विस्तृत डेटा जुटाया जाएगा।
- गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की जानकारी एकत्र करना।
- प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों का विवरण जुटाना।
- ग्राम पंचायत और नगर वार्ड स्तर तक डेटा तैयार करना।
- असंगठित क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का आकलन।
- National Statistical Business Register के लिए आधार तैयार करना।
16वें वित्त आयोग चक्र में 59 सर्वेक्षण होंगे
VISTAR योजना के तहत MoSPI ने 16वें वित्त आयोग चक्र के दौरान 59 सर्वेक्षण कराने की योजना बनाई है। इससे पहले पिछले चक्र में 43 प्रमुख सर्वेक्षण किए गए थे। इस प्रकार प्रस्तावित सर्वेक्षणों की संख्या में 16 की वृद्धि होगी।
| विवरण | सर्वेक्षणों की संख्या |
|---|---|
| पिछले वित्त आयोग चक्र में प्रमुख सर्वेक्षण | 43 |
| VISTAR के अंतर्गत प्रस्तावित सर्वेक्षण | 59 |
| अतिरिक्त सर्वेक्षण | 16 |
इन सर्वेक्षणों से रोजगार, घरेलू उपभोग, असंगठित क्षेत्र और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़े डेटा में मौजूद कमियों को दूर करने में सहायता मिलेगी। बेहतर और समय पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सरकार योजनाओं और नीतियों की योजना बना सकेगी।
AI और Machine Learning से बदलेगी डेटा संग्रह की प्रक्रिया
VISTAR योजना का एक प्रमुख उद्देश्य सरकारी सांख्यिकीय कार्यों में Artificial Intelligence और Machine Learning का व्यवस्थित उपयोग बढ़ाना है। MoSPI इन तकनीकों को मुख्य रूप से डेटा प्रोसेसिंग, सत्यापन और विश्लेषण की प्रक्रियाओं में शामिल करेगा।
इससे बड़े पैमाने पर एकत्र किए गए आंकड़ों को व्यवस्थित करने, संभावित त्रुटियों की पहचान करने और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डेटा का विश्लेषण करने में मदद मिल सकती है। योजना में डेटा की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभिन्न सरकारी प्रणालियों के बीच तालमेल को भी प्राथमिकता दी गई है।
वैकल्पिक डेटा स्रोतों का भी उपयोग होगा
पारंपरिक सर्वेक्षणों के साथ-साथ सरकार कुछ वैकल्पिक डेटा स्रोतों को भी उपयोग में लाने की योजना बना रही है। इनमें शामिल हैं:
- Mobile Phone Data: मोबाइल फोन से उपलब्ध उपयुक्त डेटा स्रोतों का उपयोग।
- Scanner Data: स्कैनर से प्राप्त व्यावसायिक और लेनदेन संबंधी डेटा।
- E-commerce Data: ई-कॉमर्स गतिविधियों से जुड़े डेटा का उपयोग।
- Traditional Surveys: मौजूदा सर्वेक्षणों के साथ वैकल्पिक स्रोतों का समन्वय।
इन स्रोतों का उद्देश्य पारंपरिक सर्वेक्षणों को पूरी तरह समाप्त करना नहीं, बल्कि उनके पूरक के रूप में डेटा की कमी दूर करना, उत्तरदाताओं पर बोझ घटाना और आर्थिक गतिविधियों की बेहतर जानकारी प्राप्त करना है। सरकार ने डेटा प्रबंधन में Privacy by Design, डेटा साझा करने के नियम और इंटरऑपरेबिलिटी जैसे सिद्धांतों पर भी जोर दिया है।
8वीं Economic Census 2026: क्या जानकारी जुटाई जाएगी?
VISTAR योजना के तहत 8वीं Economic Census आयोजित की जाएगी। इसे भारत की आर्थिक गतिविधियों का विस्तृत आधारभूत रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस गणना में गैर-कृषि प्रतिष्ठानों (Non-Farm Establishments) और उनमें काम करने वाले कर्मचारियों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।
इसका डेटा ग्राम पंचायत और नगर वार्ड स्तर तक उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे छोटे व्यवसायों, दुकानों, सेवा प्रतिष्ठानों और अन्य गैर-कृषि आर्थिक गतिविधियों का स्थानीय स्तर पर आकलन करने में मदद मिलेगी।
Economic Census में कौन-सी जानकारी शामिल होगी?
- देश में संचालित गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की जानकारी।
- प्रतिष्ठानों की आर्थिक गतिविधियों का विवरण।
- इन प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी।
- ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक स्थानीय डेटा।
- असंगठित क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का आकलन।
Economic Census से प्राप्त जानकारी का उपयोग नीति निर्माताओं और योजनाकारों द्वारा राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को समझने में किया जा सकेगा। यह असंगठित क्षेत्र के GDP में योगदान का अनुमान लगाने के लिए भी उपयोगी आधार उपलब्ध कराएगी।
ध्यान दें कि Economic Census के अंतर्गत गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की गणना की जाएगी। इसे सामान्य जनगणना (Population Census) या केवल कृषि जनगणना के समान नहीं समझना चाहिए।
National Statistical Business Register क्या है?
8वीं Economic Census का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य National Statistical Business Register (SBR) विकसित करने के लिए आधारभूत डेटा तैयार करना है। यह एक राष्ट्रीय सांख्यिकीय व्यवसाय रजिस्टर होगा, जिसके माध्यम से देश के आर्थिक प्रतिष्ठानों की व्यवस्थित जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इस रजिस्टर का उपयोग भविष्य में लक्षित Enterprise Surveys, आर्थिक विश्लेषण और नीतिगत हस्तक्षेपों की योजना बनाने में किया जा सकेगा। इससे सरकार को विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसायों की गतिविधियों और असंगठित अर्थव्यवस्था की स्थिति समझने में सहायता मिलेगी।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को क्या लाभ मिलेगा?
VISTAR के Support for Statistical Strengthening (SSS 2.0) घटक के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी सांख्यिकी व्यवस्था मजबूत करने के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य केवल राष्ट्रीय स्तर पर आंकड़े तैयार करना नहीं, बल्कि जिला और स्थानीय स्तर पर भी अधिक विस्तृत डेटा उपलब्ध कराना है।
MoSPI राज्य सरकारों को निम्न क्षेत्रों में सहायता प्रदान करेगा:
- जिला स्तर पर रोजगार और श्रम बाजार के अनुमान तैयार करना।
- घरेलू उपभोग से संबंधित जिला स्तर के आंकड़े विकसित करना।
- एक मिलियन से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए विस्तृत अनुमान तैयार करना।
- राज्य और जिला स्तर पर GDP अनुमान तैयार करना।
- राज्य स्तर पर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) तैयार करना।
- स्थानीय स्तर पर डेटा प्रोसेसिंग और विश्लेषण की क्षमता विकसित करना।
SSS 2.0 में किन प्रमुख सर्वेक्षणों को सहायता मिलेगी?
MoSPI निम्न प्रमुख राष्ट्रीय सर्वेक्षणों में जिला और बड़े शहरों के स्तर पर विस्तृत अनुमान तैयार करने में तकनीकी सहायता देगा:
| सर्वेक्षण | पूरा नाम | मुख्य विषय |
|---|---|---|
| PLFS | Periodic Labour Force Survey | रोजगार और बेरोजगारी |
| HCES | Household Consumption Expenditure Survey | घरेलू उपभोग व्यय |
| ASUSE | Annual Survey of Unincorporated Sector Enterprises | असंगठित गैर-कृषि उद्यम |
VISTAR योजना के तहत नए आर्थिक सूचकांक भी विकसित होंगे
सरकार ने योजना के अंतर्गत कुछ नए आर्थिक संकेतक विकसित करने की भी योजना बनाई है। इनसे सेवा क्षेत्र और असंगठित उद्यमों की गतिविधियों को बेहतर तरीके से मापने में सहायता मिलेगी।
1. Headline Index of Services Production
यह सेवा क्षेत्र के उत्पादन और गतिविधियों को मापने के लिए प्रस्तावित सूचकांक है। इससे अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का अधिक व्यवस्थित आकलन करने में सहायता मिल सकती है।
2. Index of Unincorporated Sector Enterprises
यह सूचकांक असंगठित क्षेत्र के उद्यमों की गतिविधियों और प्रदर्शन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जाएगा। छोटे और गैर-निगमित व्यवसायों की आर्थिक स्थिति समझने में यह उपयोगी हो सकता है।
विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए भी अवसर
VISTAR योजना में सांख्यिकी और अनुसंधान के क्षेत्र में क्षमता निर्माण को भी शामिल किया गया है। मंत्रालय विद्यार्थियों के लिए Internship Scheme और शैक्षणिक तथा अनुसंधान संस्थानों से Research Proposals को प्रोत्साहित करने की योजना पर काम करेगा।
इससे सांख्यिकी, अर्थशास्त्र, डेटा साइंस और संबंधित क्षेत्रों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं को सरकारी डेटा और सांख्यिकीय अनुसंधान से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, इंटर्नशिप के आवेदन की तारीख, पात्रता, सीटों और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी अलग से जारी होने वाले आधिकारिक नोटिफिकेशन पर निर्भर करेगी।
VISTAR Scheme 2026 से भारत को क्या फायदा होगा?
VISTAR का उद्देश्य भारत में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए अधिक विश्वसनीय, समयबद्ध और स्थानीय स्तर तक विस्तृत आंकड़े उपलब्ध कराना है। इसके प्रमुख संभावित लाभ निम्नलिखित हैं:
- बेहतर सरकारी योजना: विस्तृत आंकड़ों से योजनाओं की जरूरत और लक्ष्य निर्धारित करने में सहायता।
- रोजगार की बेहतर जानकारी: PLFS और अन्य सर्वेक्षणों से जिला स्तर पर रोजगार संबंधी अनुमान विकसित करना।
- असंगठित क्षेत्र का आकलन: Economic Census के माध्यम से छोटे और गैर-कृषि व्यवसायों की जानकारी जुटाना।
- AI आधारित डेटा विश्लेषण: डेटा सत्यापन और प्रोसेसिंग को अधिक व्यवस्थित बनाना।
- राज्यों की क्षमता में सुधार: राज्य और जिला स्तर पर सांख्यिकीय प्रणालियों को मजबूत करना।
- अनुसंधान को प्रोत्साहन: विद्यार्थियों और शोध संस्थानों को सांख्यिकीय कार्यों से जोड़ना।
- नीति निर्माण में सहायता: राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने के लिए बेहतर डेटा उपलब्ध कराना।
क्या VISTAR Scheme के लिए आम नागरिक आवेदन कर सकते हैं?
VISTAR एक सरकारी सांख्यिकी और डेटा आधुनिकीकरण योजना है। यह सामान्य नागरिकों को सीधे नकद सहायता, छात्रवृत्ति या सब्सिडी देने वाली व्यक्तिगत लाभार्थी योजना नहीं है। इसलिए इसके लिए आम नागरिकों के आवेदन की कोई सामान्य प्रक्रिया या अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है।
हालांकि, योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों से शोध प्रस्तावों को प्रोत्साहित करने का प्रावधान है। इन अवसरों के लिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी MoSPI द्वारा अलग से जारी की जाएगी।
VISTAR Scheme 2026: महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का पूरा नाम | Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research |
| संक्षिप्त नाम | VISTAR |
| बजट | ₹4,371.10 करोड़ |
| अवधि | 2026-27 से 2030-31 |
| मंत्रालय | MoSPI |
| योजना का प्रकार | Central Sector Scheme |
| प्रस्तावित सर्वेक्षण | 59 |
| पिछले चक्र के प्रमुख सर्वेक्षण | 43 |
| आर्थिक गणना | 8वीं Economic Census |
| प्रमुख तकनीक | AI और Machine Learning |
| राज्य सहायता घटक | Support for Statistical Strengthening (SSS 2.0) |
| अन्य पहल | Internship Scheme और Research Proposals |
VISTAR Scheme 2026: आधिकारिक लिंक
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आधिकारिक घोषणा: PM India पर पूरी जानकारी देखें
Ministry of Statistics and Programme Implementation: MoSPI की आधिकारिक वेबसाइट
सरकारी घोषणाएं: Press Information Bureau
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. VISTAR Scheme 2026 क्या है?
VISTAR यानी Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research भारत सरकार की केंद्रीय क्षेत्र योजना है। इसका उद्देश्य देश की आधिकारिक सांख्यिकी व्यवस्था, सर्वेक्षण और डेटा प्रबंधन को आधुनिक बनाना है।
2. VISTAR योजना का बजट कितना है?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए ₹4,371.10 करोड़ का वित्तीय परिव्यय मंजूर किया है।
3. VISTAR Scheme कितने वर्षों तक चलेगी?
यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए स्वीकृत की गई है।
4. VISTAR Scheme किस मंत्रालय के अंतर्गत है?
इस योजना का क्रियान्वयन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा किया जाएगा।
5. VISTAR के तहत कितने सर्वेक्षण किए जाएंगे?
MoSPI ने 16वें वित्त आयोग चक्र के दौरान 59 सर्वेक्षण कराने की योजना बनाई है, जबकि पिछले चक्र में 43 प्रमुख सर्वेक्षण किए गए थे।
6. 8वीं Economic Census में क्या जानकारी जुटाई जाएगी?
इसमें गैर-कृषि प्रतिष्ठानों, उनकी आर्थिक गतिविधियों और उनमें काम करने वाले कर्मचारियों का डेटा ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक जुटाया जाएगा।
7. VISTAR Scheme में AI का उपयोग कैसे होगा?
AI और Machine Learning का उपयोग मुख्य रूप से सरकारी सांख्यिकीय डेटा के प्रोसेसिंग, सत्यापन और विश्लेषण में किया जाएगा।
8. SSS 2.0 क्या है?
Support for Statistical Strengthening (SSS 2.0) VISTAR का एक घटक है, जिसके माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांख्यिकी व्यवस्था को वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाएगी।
9. क्या VISTAR Scheme के लिए आम नागरिक आवेदन कर सकते हैं?
यह सीधे व्यक्तिगत लाभ देने वाली योजना नहीं है। हालांकि, इसके अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और शोध संस्थानों के लिए रिसर्च प्रस्तावों को प्रोत्साहित करने की योजना है। इनकी आवेदन प्रक्रिया अलग से घोषित की जाएगी।
10. National Statistical Business Register क्या है?
यह देश के व्यवसायों और आर्थिक प्रतिष्ठानों की व्यवस्थित सांख्यिकीय जानकारी का राष्ट्रीय रजिस्टर होगा। 8वीं Economic Census इसके विकास के लिए आधारभूत डेटा उपलब्ध कराएगी।
निष्कर्ष
VISTAR Scheme 2026 भारत की आधिकारिक सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। ₹4,371.10 करोड़ के वित्तीय परिव्यय वाली इस पांच वर्षीय योजना में 59 सर्वेक्षण, AI और Machine Learning आधारित डेटा विश्लेषण, राज्यों की सांख्यिकी क्षमता को मजबूत करना और 8वीं Economic Census शामिल हैं।
इस योजना के माध्यम से सरकार को रोजगार, घरेलू उपभोग, असंगठित क्षेत्र और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के अधिक विस्तृत आंकड़े उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे राष्ट्रीय से लेकर जिला और ग्राम पंचायत स्तर तक विकास योजनाओं और नीतियों के लिए बेहतर सांख्यिकीय आधार तैयार करने में मदद मिल सकती है।
Disclaimer: यह लेख भारत सरकार के प्रधानमंत्री कार्यालय और MoSPI की आधिकारिक घोषणा पर आधारित है। VISTAR एक सांख्यिकी एवं डेटा आधुनिकीकरण योजना है, न कि सामान्य नागरिकों को सीधे नकद लाभ देने वाली योजना। 8वीं Economic Census, इंटर्नशिप और अन्य गतिविधियों की विस्तृत समय-सारणी तथा आवेदन संबंधी निर्देशों के लिए MoSPI की नवीनतम आधिकारिक अधिसूचनाएं देखें।