सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना - कार्यशील पूंजी सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना - कार्यशील पूंजी सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना - कार्यशील पूंजी
सूक्ष्म और लघु उद्यमों को उपलब्ध कराई जाने वाली पात्र कार्यशील पूंजी सुविधाओं के लिए क्रेडिट गारंटी सहायता। सूक्ष्म और लघु उद्यमों को उपलब्ध कराई जाने वाली पात्र कार्यशील पूंजी सुविधाओं के लिए क्रेडिट गारंटी सहायता।
योजना विवरण
संक्षिप्त विवरण: CGTMSE वर्किंग कैपिटल क्रेडिट गारंटी योजना
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) और सिडबी (SIDBI) द्वारा संचालित विशेष सुविधा, जिसके माध्यम से छोटे उद्योगों को दैनिक कारोबार चलाने हेतु बिना किसी प्रॉपर्टी को गिरवी रखे कैश क्रेडिट (CC) और ओवरड्राफ्ट (OD) लिमिट मिलती है।
CGTMSE वर्किंग कैपिटल योजना क्या है?
क्रेडिट गारंटी स्कीम (वर्किंग कैपिटल) सूक्ष्म और लघु उद्यमों की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की गई है। इसके अंतर्गत कच्चा माल खरीदने, कर्मचारियों का वेतन देने और रोजमर्रा के बिलों के भुगतान के लिए बैंक से कैश क्रेडिट (Cash Credit) या ओवरड्राफ्ट (Overdraft) सुविधा ली जा सकती है। यदि कारोबारी नुकसान की वजह से लोन नहीं चुका पाता, तो बैंक के जोखिम का 75% से 85% हिस्सा CGTMSE ट्रस्ट वहन करता है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
| विवरण | नियम व प्रावधान |
|---|---|
| कवर की जाने वाली सुविधाएं | कैश क्रेडिट (CC Limit), ओवरड्राफ्ट (OD), बिल डिस्काउंटिंग |
| अधिकतम लिमिट राशि | ₹500 लाख (₹5 करोड़ रुपये तक) |
| बंधक या प्रॉपर्टी की शर्त | शून्य (केवल माल/स्टॉक की प्राथमिक हाइपोथिकेशन) |
| क्रेडिट गारंटी कवरेज | 75% से 85% तक (डिफ़ॉल्ट की स्थिति में बैंक को भुगतान) |
| साझेदार वित्तीय संस्थान | सभी सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक |
वर्किंग कैपिटल गारंटी के प्रमुख लाभ
- बिना मकान या जमीन गिरवी रखे लिमिट: अपनी संपत्ति को बंधक रखे बिना केवल चालू स्टॉक और देनदारियों (Book Debts) के आधार पर बैंक लिमिट स्वीकृत होती है।
- कैश फ्लो की निरंतरता: ग्राहकों से पेमेंट मिलने में देरी होने पर भी उत्पादन और बिजनेस का कामकाज नहीं रुकता।
- कंपोजिट लोन सुविधा: उद्यमी मशीनरी खरीदने हेतु टर्म लोन और दैनिक खर्चों के लिए वर्किंग कैपिटल दोनों को इस ₹5 करोड़ की सीमा में मिला सकते हैं।
- महिला व स्पेशल कैटेगरी को छूट: महिला उद्यमियों और पूर्वोत्तर राज्यों के कारोबारियों के लिए गारंटी शुल्क में विशेष रियायत।
पात्रता (Eligibility Criteria)
- आवेदक सूक्ष्म या लघु उद्यम (MSE) श्रेणी में पंजीकृत होना चाहिए।
- मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर या ट्रेडिंग का चालू व्यवसाय होना आवश्यक है।
- वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Udyam Registration) और जीएसटी नंबर अनिवार्य है।
- व्यवसाय का पूर्व वित्तीय रिकॉर्ड और सिबिल (CIBIL) स्कोर संतोषजनक होना चाहिए।
वर्किंग कैपिटल लिमिट के लिए आवेदन प्रक्रिया
- अपने पिछले 1-2 साल के वित्तीय विवरण, जीएसटी रिटर्न और अनुमानित टर्नओवर (Projections) की रिपोर्ट तैयार करें।
- अपने बैंक खाते का 12 महीने का स्टेटमेंट और उद्यम रजिस्ट्रेशन दस्तावेज एकत्र करें।
- नजदीकी अधिकृत बैंक (जैसे SBI, Bank of Baroda, PNB) में जाकर CC/OD लिमिट हेतु संपर्क करें।
- आवेदन पत्र में स्पष्ट रूप से CGTMSE स्कीम के तहत वर्किंग कैपिटल गारंटी कवर का विकल्प चुनें।
- बैंक द्वारा मंजूरी मिलने के बाद गारंटी शुल्क का भुगतान होते ही आपकी कैश क्रेडिट लिमिट सक्रिय कर दी जाती है।