ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाणपत्र (ISEC) योजना ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाणपत्र (ISEC) योजना ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाणपत्र (ISEC) योजना
पात्र पंजीकृत खादी संस्थानों को रियायती ऋण सहायता उपलब्ध कराने वाली ब्याज सब्सिडी योजना। पात्र पंजीकृत खादी संस्थानों को रियायती ऋण सहायता उपलब्ध कराने वाली ब्याज सब्सिडी योजना।
योजना विवरण
संक्षिप्त विवरण: ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाण पत्र (ISEC) योजना
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) और खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा संचालित प्रमुख वित्तीय योजना, जिसके तहत खादी और पॉलीवस्त्र संस्थानों को बैंकों से मात्र 4% की रियायती ब्याज दर पर वर्किंग कैपिटल लोन मिलता है।
ISEC योजना क्या है?
ब्याज सब्सिडी पात्रता प्रमाण पत्र (Interest Subsidy Eligibility Certificate - ISEC) योजना खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र को चालू पूंजी (Working Capital) उपलब्ध कराने का सबसे प्रमुख सरकारी माध्यम है। इसके अंतर्गत मान्यता प्राप्त खादी संस्थानों को वाणिज्यिक बैंकों से कार्यशील पूंजी केवल 4% वार्षिक ब्याज पर मिलती है। बैंक की वास्तविक ब्याज दर और 4% के बीच के अंतर की भरपाई केंद्र सरकार द्वारा KVIC के माध्यम से ब्याज सब्सिडी के रूप में सीधे बैंकों को की जाती है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
| पैरामीटर | योजना के नियम |
|---|---|
| नोडल संस्था | खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) एवं MSME मंत्रालय |
| संस्थान द्वारा देय ब्याज दर | मात्र 4% प्रति वर्ष |
| सब्सिडी का स्वरूप | बैंक ब्याज दर और 4% के अंतर का 100% भुगतान KVIC द्वारा |
| ऋण का प्रकार | केवल कार्यशील पूंजी (कच्चा माल, कताई-बुनाई मजदूरी, स्टॉक प्रबंधन) |
| लक्षित क्षेत्र | खादी एवं पॉलीवस्त्र उत्पादक व विपणन समितियां |
ISEC योजना के प्रमुख लाभ
- अत्यंत सस्ता बैंक लोन: खादी संस्थानों को बाजार दर (9-12%) के बजाय सिर्फ 4% की न्यूनतम ब्याज दर पर वित्तीय पूंजी मिलती है।
- कारीगरों को नियमित मजदूरी: ऑफ-सीजन में भी कत्तिनों और बुनकरों को समय पर भुगतान और काम की निरंतरता सुनिश्चित होती है।
- सरल सब्सिडी प्रक्रिया: सब्सिडी की राशि KVIC द्वारा सीधे बैंक खाते में जमा कराई जाती है, जिससे संस्थाओं पर कागजी झंझट नहीं रहता।
- बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव: कच्चे माल (कपास, ऊन, सिल्क) की थोक खरीद के लिए संस्थाओं को नकदी की कमी नहीं होती।
पात्रता (Eligibility Criteria)
- संस्था KVIC या संबंधित राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) के तहत विधिवत पंजीकृत होनी चाहिए।
- संस्थान के पास KVIC द्वारा जारी वैध खादी प्रमाणपत्र (Khadi Certificate) होना आवश्यक है।
- संस्था वास्तविक खादी अथवा पॉलीवस्त्र के उत्पादन या विपणन में सक्रिय रूप से संलग्न होनी चाहिए।
- पिछले वित्तीय वर्षों के ऑडिट और वैधानिक अनुपालन पूरे होने अनिवार्य हैं।
ISEC प्रमाण पत्र और लोन प्राप्त करने की प्रक्रिया
- खादी संस्थान आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपनी कार्यशील पूंजी की आवश्यकता का बजट और कार्ययोजना तैयार करता है।
- यह प्रस्ताव संबंधित राज्य अथवा संभागीय KVIC कार्यालय में मूल्यांकन हेतु प्रस्तुत किया जाता है।
- KVIC संस्थान की उत्पादन क्षमता और रिकॉर्ड के आधार पर स्वीकृत ऋण सीमा दर्शाने वाला ISEC Certificate जारी करता है।
- यह प्रमाण पत्र लेकर संबंधित अधिकृत बैंक शाखा (जैसे SBI, PNB या सार्वजनिक बैंक) में लोन आवेदन दिया जाता है।
- बैंक संस्था को 4% ब्याज पर क्रेडिट लिमिट जारी करता है और शेष ब्याज अंतर की सब्सिडी सीधे KVIC से क्लेम करता है।