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MSME सस्टेनेबल (ZED) प्रमाणन योजना MSME सस्टेनेबल (ZED) प्रमाणन योजना MSME सस्टेनेबल (ZED) प्रमाणन योजना

MSMEs में Zero Defect Zero Effect practices को बढ़ावा देने वाला प्रमाणन एवं सहायता कार्यक्रम। MSMEs में Zero Defect Zero Effect practices को बढ़ावा देने वाला प्रमाणन एवं सहायता कार्यक्रम।

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योजना विवरण

संक्षिप्त विवरण: एमएसएमई सतत (ZED) प्रमाणन योजना

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) तथा भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) द्वारा संचालित राष्ट्रीय गुणवत्ता मिशन, जिसके तहत उत्पादों की त्रुटिरहित गुणवत्ता (Zero Defect) और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन (Zero Effect) के लिए 80% तक प्रमाणन सब्सिडी मिलती है।

ZED प्रमाणन योजना क्या है?

एमएसएमई सतत (ZED) प्रमाणन योजना का उद्देश्य भारतीय विनिर्माण इकाइयों को वैश्विक स्तर की गुणवत्ता के अनुरूप तैयार करना है ताकि उनके बनाए उत्पादों में कोई खामी न हो (Zero Defect) और पर्यावरण पर कोई बुरा प्रभाव न पड़े (Zero Effect)। यह योजना इकाइयों को उनके मानकों के आधार पर तीन स्तरों—ब्रॉन्ज (Bronze), सिल्वर (Silver) और गोल्ड (Gold)—में प्रमाणित करती है और प्रमाणन शुल्क, हैंडहोल्डिंग तथा टेस्टिंग खर्च पर 80% तक सरकारी सब्सिडी देती है।

ZED प्रमाणन स्तर और सब्सिडी का विवरण

उद्यम श्रेणी सामान्य वर्ग सब्सिडी विशेष वर्ग सब्सिडी (महिला / SC / ST / पूर्वोत्तर राज्य / आकांक्षी जिले)
सूक्ष्म उद्यम (Micro) 80% सब्सिडी 90% तक (80% + 10% अतिरिक्त छूट)
लघु उद्यम (Small) 60% सब्सिडी 70% तक (60% + 10% अतिरिक्त छूट)
मध्यम उद्यम (Medium) 50% सब्सिडी 60% तक (50% + 10% अतिरिक्त छूट)

ZED प्रमाणन के तीन स्तर

  • ब्रॉन्ज लेवल (5 पैरामीटर्स): प्राथमिक स्तर जिसमें कार्यस्थल सुरक्षा, बुनियादी गुणवत्ता नियंत्रण और मापन प्रक्रियाएं शामिल हैं।
  • सिल्वर लेवल (14 पैरामीटर्स): ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, मानव संसाधन और जोखिम न्यूनीकरण के उन्नत मानक।
  • गोल्ड लेवल (20 पैरामीटर्स): अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क स्तर जिसमें ऑटोमेशन, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, सर्कुलर इकोनॉमी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस शामिल हैं।

ZED प्रमाणित इकाइयों के प्रमुख लाभ

  • बैंक लोन ब्याज दर में छूट: कई सरकारी व निजी बैंक ZED प्रमाणित इकाइयों को लोन की ब्याज दरों पर 0.50% तक की छूट और प्रोसेसिंग फीस में रियायत देते हैं।
  • CGTMSE शुल्क में बचत: बिना गारंटी वाले लोन के लिए लगने वाली वार्षिक गारंटी फीस में विशेष रियायत।
  • हैंडहोल्डिंग व कंसल्टिंग ग्रांट: सिल्वर व गोल्ड सर्टिफिकेशन हासिल करने हेतु QCI विशेषज्ञों की फीस पर ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता।
  • लैब टेस्टिंग सहायता: NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से टेस्टिंग और कैलिब्रेशन कराने पर ₹5 लाख तक का सरकारी अनुदान।

पात्रता (Eligibility Criteria)

  • उद्यम का सूक्ष्म, लघु या मध्यम श्रेणी में पंजीकृत होना और वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन (Udyam Certificate) होना अनिवार्य है।
  • योजना केवल विनिर्माण (Manufacturing Sector) की इकाइयों के लिए लागू है।
  • उद्यमी द्वारा आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन ZED Pledge (प्रतिज्ञा) लेना अनिवार्य है।
  • फैक्ट्री परिसर में बुनियादी प्रदूषण और श्रम सुरक्षा नियमों का पालन होना चाहिए।

पंजीकरण व प्रमाणन की पूरी प्रक्रिया

  1. आधिकारिक वेबसाइट zed.msme.gov.in पर जाएं और अपने उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर से लॉगिन करें।
  2. मुफ्त डिजिटल ZED Pledge लेकर अपनी प्रोफाइल सक्रिय करें।
  3. अपने लक्ष्य के अनुसार स्तर चुनें: Bronze (ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन), Silver या Gold (ऑन-साइट फिजिकल ऑडिट)।
  4. स्व-मूल्यांकन प्रश्नावली भरें, प्रमाण अपलोड करें और सब्सिडी कटौती के बाद रियायती शुल्क का भुगतान करें।
  5. सत्यापन एजेंसी द्वारा मूल्यांकन पूरा होने पर 3 साल की वैधता वाला आधिकारिक ZED Certificate जारी किया जाता है।
मुख्य जानकारी
अधिकतम लाभ:
₹72,000
लिंग:
सभी
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