मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह योजना मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह योजना मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह योजना
मध्यप्रदेश में पात्र कन्याओं, विधवाओं तथा निराश्रित या परित्यक्ता महिलाओं के विवाह या निकाह के लिए वित्तीय सहायता। मध्यप्रदेश में पात्र कन्याओं, विधवाओं तथा निराश्रित या परित्यक्ता महिलाओं के विवाह या निकाह के लिए वित्तीय सहायता।
योजना विवरण
संक्षिप्त विवरण: मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह योजना
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित प्रमुख कल्याणकारी योजना, जिसके तहत गरीब, निराश्रित परिवारों की बेटियों, कल्याणी (विधवा) और परित्यक्ता महिलाओं के सामूहिक विवाह/निकाह हेतु ₹55,000 की कुल वित्तीय सहायता दी जाती है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों पर बेटी की शादी में होने वाले भारी आर्थिक बोझ और कर्ज को समाप्त करना है। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में विवाह या निकाह करने वाले प्रत्येक जोड़े पर सरकार द्वारा कुल ₹55,000 का खर्च वहन किया जाता है। इसमें से ₹49,000 की राशि सीधे वधू (कन्या) के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) अथवा एकाउंट पेयी चेक द्वारा गृहस्थी की स्थापना हेतु दी जाती है, और ₹6,000 कार्यक्रम आयोजित करने वाले स्थानीय निकाय (नगर निगम/जनपद पंचायत) को आयोजन खर्च के लिए दिए जाते हैं।
योजना की मुख्य विशेषताएं व सहायता विवरण
| सहायता घटक | सहायता राशि | भुगतान का माध्यम |
|---|---|---|
| कन्या की गृहस्थी स्थापना हेतु सहायता | ₹49,000 | सीधे कन्या के नाम एकाउंट पेयी चेक अथवा बैंक खाते में DBT द्वारा |
| सामूहिक विवाह आयोजन खर्च (निकाय को) | ₹6,000 | जनपद पंचायत / नगर निगम को आयोजन व भोजन व्यवस्था हेतु प्रतिपूर्ति |
| कुल सरकारी व्यय प्रति जोड़ा | ₹55,000 | योजना के अंतर्गत स्वीकृत कुल आर्थिक आवंटन |
योजना के प्रमुख लाभ
- सीधी नकद राशि का लाभ: ₹49,000 की नकद राशि सीधे कन्या को मिलने से वह अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार घर-गृहस्थी का सामान खरीद सकती है।
- दहेज व कर्ज से मुक्ति: भव्य सामूहिक आयोजनों के कारण गरीब माता-पिता को साहूकारों से ब्याज पर भारी कर्ज नहीं लेना पड़ता।
- विवाह व निकाह दोनों शामिल: हिंदू विवाह और मुस्लिम निकाह दोनों परंपराओं के साथ-साथ जनजातीय रीति-रिवाजों से होने वाले सामूहिक विवाहों पर समान लाभ मिलता है।
- विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं को संबल: कल्याणी (विधवा) महिलाओं के पुनर्विवाह तथा कानूनी रूप से तलाकशुदा बहनों को भी योजना में पूर्ण सहायता मिलती है।
पात्रता (Eligibility Criteria)
- कन्या अथवा उसके माता-पिता/अभिभावक मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए।
- कानूनी आयु सीमा: विवाह की तिथि पर कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी अनिवार्य है।
- विवाह केवल सरकार द्वारा अधिसूचित सामूहिक विवाह कार्यक्रम (न्यूनतम 5 जोड़े) में संपन्न होना आवश्यक है; एकल विवाह में यह लाभ नहीं मिलता।
- कन्या का नाम समग्र सामाजिक सुरक्षा पोर्टल (Samagra Portal) पर पंजीकृत होना चाहिए।
- कन्या का किसी राष्ट्रीयकृत या अनुसूचित बैंक में स्वयं का एकल बचत खाता होना अनिवार्य है जो आधार से लिंक हो।
- विधवा महिला के मामले में पूर्व पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और तलाकशुदा महिला के मामले में सक्षम न्यायालय की डिक्री आवश्यक है।
आवेदन व सत्यापन की पूरी प्रक्रिया
- आधिकारिक विवाह पोर्टल mpvivahportal.nic.in पर जाकर अपने जिले में होने वाले आगामी सामूहिक विवाह की तिथियां देखें।
- ग्रामीण क्षेत्र में अपनी ग्राम पंचायत/जनपद पंचायत और शहरी क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका/नगर परिषद कार्यालय से निशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- सामूहिक विवाह कार्यक्रम की निर्धारित तिथि से कम से कम 15 दिन पूर्व भरा हुआ आवेदन फॉर्म आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करें।
- जरूरी दस्तावेज संलग्न करें: वर-वधू का आधार कार्ड, समग्र आईडी, आयु प्रमाण पत्र (10वीं की अंकसूची/जन्म प्रमाण पत्र/वोटर कार्ड), मूल निवास प्रमाण और वधू की बैंक पासबुक।
- जांच समिति द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन कर पात्र जोड़ों का विवरण विवाह पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जाता है।
- सामूहिक विवाह संपन्न होने के दिन ही मंच पर वधू को ₹49,000 का एकाउंट पेयी चेक अथवा डीबीटी भुगतान रसीद प्रदान कर दी जाती है।