प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सपोर्ट योजना - निर्यात संवर्धन प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सपोर्ट योजना - निर्यात संवर्धन प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सपोर्ट योजना - निर्यात संवर्धन
पात्र MSMEs को trade fairs, exhibitions और international business activities में भाग लेने के लिए बाजार पहुंच सहायता। पात्र MSMEs को trade fairs, exhibitions और international business activities में भाग लेने के लिए बाजार पहुंच सहायता।
योजना विवरण
संक्षिप्त विवरण: खरीद एवं विपणन सहायता योजना - निर्यात संवर्धन (Export Promotion)
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की विशेष पहल, जिसका उद्देश्य भारतीय सूक्ष्म और लघु उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनियों में भाग लेने, विदेशी खरीदारों से जुड़ने और वैश्विक बाजार में अपने उत्पादों का निर्यात बढ़ाने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
PMS निर्यात संवर्धन (Export Promotion) योजना क्या है?
प्रोक्योरमेंट एंड मार्केटिंग सपोर्ट - निर्यात संवर्धन घटक उन छोटे निर्माताओं के लिए तैयार किया गया है जो अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेचना चाहते हैं। विदेशों में लगने वाले प्रमुख व्यापार मेलों में भाग लेने के लिए स्टॉल का किराया, हवाई टिकट और माल परिवहन (Freight) का खर्च काफी अधिक होता है। इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार विदेशी प्रदर्शनियों के स्टॉल किराए पर 80% से 100% तक की सब्सिडी और हवाई यात्रा खर्च का रिइम्बर्समेंट देती है।
निर्यात सहायता और वित्तीय अनुदान का विवरण
| सहायता घटक | सामान्य वर्ग (General) | विशेष वर्ग (महिला / SC / ST / पूर्वोत्तर राज्य) |
|---|---|---|
| विदेशी ट्रेड फेयर स्टॉल किराया | 80% तक सब्सिडी (निर्धारित सीमा के अधीन) | 100% निशुल्क स्टॉल (पूर्ण सब्सिडी) |
| हवाई यात्रा टिकट (Economy Class) | 100% किराया वापसी (नियम व देश की स्लैब अनुसार) | 100% किराया वापसी (प्राथमिकता आधार पर) |
| सैंपल माल ढुलाई (Freight) | वास्तविक शिपिंग खर्च पर निर्धारित सीमा तक अनुदान | वास्तविक शिपिंग खर्च पर निर्धारित सीमा तक अनुदान |
| अंतरराष्ट्रीय बारकोड (GS1) | वैश्विक बारकोड पंजीकरण शुल्क पर 80% छूट | वैश्विक बारकोड पंजीकरण शुल्क पर 80% छूट |
निर्यातकों के लिए प्रमुख लाभ (Key Benefits)
- सस्ते में ग्लोबल मार्केटिंग: विदेशी प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने और जाने-आने का 80% से 100% खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
- विदेशी खरीदारों से सीधा संपर्क: बड़े विदेशी वितरकों, सुपरमार्केट चेन्स और आयातकों के सामने अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का मौका।
- ग्लोबल पैकेजिंग तकनीक: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित पैकेजिंग अपनाने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन व वित्तीय मदद।
- डिजिटल एक्सपोर्ट प्लेटफॉर्म: अंतरराष्ट्रीय बी2बी पोर्टल्स और ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट मार्केटप्लेस पर लिस्टिंग में सहायता।
पात्रता (Eligibility Criteria)
- इकाई का सूक्ष्म या लघु उद्यम (MSE) होना और वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।
- व्यवसाय के पास डीजीएफटी (DGFT) द्वारा जारी वैध आयात-निर्यात कोड (IEC Code) होना चाहिए।
- इकाई किसी भी सरकारी विभाग या विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा डिबार या ब्लैकलिस्टेड नहीं होनी चाहिए।
- संबंधित अंतरराष्ट्रीय मेले या प्रतिनिधिमंडल के लिए किसी अन्य निर्यात संवर्धन परिषद (EPC) से क्लेम न लिया गया हो।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
- आधिकारिक पोर्टल my.msme.gov.in अथवा pms.dcmsme.gov.in पर जाएं।
- उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर और IEC कोड दर्ज करके ई-सत्यापन पूरा करें।
- स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों की सूची में से पसंदीदा आयोजन का चयन करें।
- मेले के आयोजन से पूर्व निर्धारित तिथि के भीतर स्टॉल आवंटन और अग्रिम यात्रा अनुमति के लिए आवेदन फॉर्म सबमिट करें।
- आयोजन समाप्त होने के पश्चात बोर्डिंग पास, स्टॉल की तस्वीरें, शिपिंग बिल और इनवॉइस अपलोड करें; सब्सिडी राशि सीधे आपके बैंक खाते में DBT द्वारा भेज दी जाएगी।